हरदोई। गांवों में पंचायत सचिवालयों की मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकता के बाद भी गांव के जिम्मेदारों ने पंचायत भवन को श्रमिकों को ठहरने के लिए दे दिया है।
अतिरिक्त कक्ष की निर्माण राशि जारी होने के बाद भी शुरु नहीं कराया गया। गांव में साफ-सफाई की स्थिति दयनीय रही और सफाईकर्मी ने स्वयं काम न कर श्रमिकों से काम कराए जाने की जानकारी दी। इस लापरवाही के लिए पंचायत सचिव को निलंबित, प्रधान को नोटिस दिया जा रहा है। सफाईकर्मी के विरुद्ध एफआईआर कराए जाने की प्रक्रिया शुरु की गई है।
विकास खंड बिलग्राम की ग्राम पंचायत परचल रसूलपुर में पंचायत भवन तो पहले से बना है, इसके विस्तारीकरण में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए पंचायतीराज विभाग ने पांच लाख रुपये का बजट जारी किया है। पिछले वित्तीय वर्ष में जारी किए गए बजट के बाद भी पंचायत भवन में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण शुरु नहीं कराया गया है। पंचायत भवन में अंडरग्राउंड पाइप लाइन डालने वाली फर्म के ठेकेदार और श्रमिकों का कब्जा मिला। परिसर में गंदगी भी थी।
जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह ने निरीक्षण में लापरवाही मिलने पर नाराजगी जाहिर की। सफाईकर्मी की ओर से काम न किए जाने के बाद भी वेतन मांग पत्र जारी किए जाने, पंचायत भवन कक्ष न बनवाए जाने सहित अन्य लापरवाही के लिए प्रधान को पंचायतीराज अधिनियम में नोटिस जारी की है। पंचायत सचिव जितेंद्र गुप्ता को निलंबित कर दिया है। निर्देश दिए कि पंचायत भवन को खाली कराते हुए व्यवस्थित कराया जाए।