हरदोई। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और आशा बहुओं ने शनिवार को कलक्ट्रेट परिसर में जमकर हंगामा किया। धरनास्थल पर गंदगी का आरोप लगाकर दोनों संगठनों ने सिटी मजिस्ट्रेट और एडीएम कार्यालय के समक्ष बरामदे को घेर प्रदर्शन शुरू कर दिया। हल्ला के बीच धूप में एक दर्जन कार्यकत्रियां और आशा बहुएं बेहोश हो गई। इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान लगभग दो घंटे सरकारी मशीनरी भी चकरघिन्नी बनी रही।
शनिवार को 22 वें दिन भी महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जनपदीय कार्यकारिणी का प्रदर्शन जारी रहा। कार्यकत्री धरना स्थल पर पहुंची लेकिन वहां गंदगी देख बिफर गईं। वहां के बजाए कार्यकत्रियों ने सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन व नारेबाजी शुरू कर दिया। प्रदेश उपाध्यक्ष रीता सिंह ने आरोप लगाया कि प्रशासन न तो उनकी मांगों पर सुनवाई होने में सहयोग कर रहा है और न ही धरना देने दे रहा है। धरना स्थल पर गंदगी व्याप्त है।
कुछ ऐसे ही आरोप आशा बहू वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी लगाकर नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय में प्रदर्शन किया। अध्यक्ष गीता सिंह ने कहा कि उनका पिछले कई दिनों से धरना प्रदर्शन जारी है लेकिन प्रशासनिक अमला उनका सहयोग करने के बजाए धरना समाप्त हो जाए इसको लेकर दबाव बना रहा है। इस दौरान धूप क ी तपिश में एक दर्जन आंगनबाड़ी कार्यकत्री व सहायिकाएं बेहोश होकर गिर गईं।
बारी बारी से गिरने वालों में आंगनबाड़ी कार्यकत्री गुड्डी, राजेश्वरी, नीता सिंह, सोमवती, अनीता, स्नेह लता, सुशीला, नन्ही के अलावा आशा बहुएं नन्ही व संतोष शामिल रहीं। इधर हंगामा कटने के बाद मौके पर मौजूद कोतवाल परशुराम सिंह, महिला थानाध्यक्ष नमिता सिंह सहित फोर्स मौके पर उनको समझाने में लगा रहा। बेहोश होने के बाद अपर जिलाधिकारी कुंज बिहारी अग्रवाल के निर्देश पर एंबुलेंस मंगाई गई और उनको जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।
इस मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों में गीता मिश्रा, सुमन सिंह, राधेलाल, कंचन देवी, गायत्री, नीलम, शिवकुमारी आदि मौजूद रहीं। वहीं, आशा बहुओं के संगठन की तरफ से विद्या देवी, गुड्डी, शांती देवी, निशा देवी, उर्मिला देवी, संतोष पांडे आदि मौजूद रहे।