बिलग्राम। कटरी इलाके के परसोला गांव में शुक्रवार रात जंगली जानवर के वार से एक भैंस की मौत हो गई। इससे ग्रामीणों में तेंदुए की आशंका से हड़कंप मचा है। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम ने भी मौके पर जाकर आसपास निशान खोजे, फिलहाल वह भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
जानवर को किसी ने नहीं देखा है। वन विभाग की टीम ने जांच कर बताया कि वर्षा होने के कारण उक्त जानवर के पैरों के निशान की फोटोग्राफी कराकर जांच के लिए भेजा गया है। जिसके बाद ही पता चल सकेगा कि जानवर कौन सा है। परसोला गांव के निवासी अरविंद कुमार ने वन विभाग को सूचना दी कि रात को लगभग दो बजे के आसपास उनकी बाहर बंधी भैंस को किसी जानवर ने पंजा मारकर मुंह नोंच लिया और नथुने फट जाने से भैंस की मौत हो गई। रात को ही इस घटना के बाद इकट्ठा हुए गांव वालों ने तेंदुए की आशंका व्यक्त की।
ग्रामीणों की सूचना मिलने पर वन विभाग के दरोगा महेश प्रसाद, सरजू प्रसाद, कर्मचारी राम कुमार, सतीश शुक्ला व सरजू चौकीदार ने गांव पहुंच कर जांच की। बताया कि जानवर को किसी ने नहीं देखा जबकि मिट्टी पर बने जानवर के पंजों की फोटोग्राफी कराकर जांच को भेजे गए हैं। जांच के बाद ही कुछ कहा सकता है।
इस संबंध में डीएफओ जीसी त्रिपाठी का कहना है कि अभी कुछ भी कहना सही नहीं होगा। फिलहाल वन विभाग की टीम को अलर्ट कर दिया गया है। उसे हर वक्त चौकन्ने रहने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों से भी अपेक्षा की गई है कि कहीं कुछ भी अजीब लगे तो सूचना तत्काल दें।
पिहानी वाले तेंदुए से बिलग्राम का नहीं है कोई नाता
कार्यवाहक डीएफओ जीसी त्रिपाठी का कहना है कि इस धोखे में कोई भी न रहे कि पिहानी का तेंदुआ बिलग्राम में पहुंच गया है। दूर दूर तक कोई नाता नहीं है। वह काफी दिन पहले ही यहां से निकल गया है। निशान किसी के भी हो सकते हैं। निष्कर्ष निकलने पर ही कहा जा सकता है।
इंसेट
मारा तो खाता जरूर तेंदुआ
डीएफओ ने कहा कि यदि तेंदुआ होता तो सिर्फ निशान छोड़कर नहीं भाग जाता। खाता भी। लेकिन भैंस में ऐसा कुछ भी नहीं था। इसलिए अभी कुछ न कहना ही सही है। ग्रामीण खौफजदा न हो बस अलर्ट रहे।