देश के कई प्रांतों में करतबों से ख्याति पाने वाले
जादूगर विश्वनाथ जादू के लिए कद्रदानों की घटती संख्या से आहत हैं।
उन्होंने इस कला के विकास को सरकारों से प्रोत्साहन मिलने की जरूरत पर जोर
दिया। बताया कि वह बुधवार को प्रमुख मार्गों से आंखों पर पट्टी बांध कर
बाइक चलाते हुए गुजरेंगे।
कसबे के मानस चित्र मंदिर पर पत्रकारों से
मुखातिब जादूगर विश्वनाथ ने बताया कि वह पिछले 21 वर्ष से कई
प्रांतों-शहरों में जादू शो कर रहे हैं। इन दो दशकों के बीच दर्शकोें की
जरूरत और संख्या में आए बदलाव पर कहा कि मोबाइल युग ने सबसे जादू इस कला को
नुकसान पहुंचाया।
जादू की कला के प्रोत्साहन को मायावती सरकार द्वारा जादू
शो टैक्स फ्री करने को उन्हाेंने एक बेहतर कदम बताते हुए कहा कि सरकारों
को मिटती हुई जादू कला के प्रोत्साहन हेतु जादूगरों को सहायता देनी चाहिए। उन्होंने
बताया कि उन्होंने यह कला अपने उस्ताद प्रोफेसर केपी पांडेय से सीखी जो
इग्नू दिल्ली में प्रोफेसर हैं।
वर्ष 02 में उनके उस्ताद ने कुतुब मीनार
गायब कर लिम्का बुक आफ रिकार्ड में नाम दर्ज करवाया था। जादूगर ने बताया कि
मानस चित्र मंदिर पर उनके शो जारी है, जिनमें वह मुंह से ब्लेड निकालने,
लड़की के दो भाग करने, खाली हाथों से नोटों की बारिश, लड़की को गायब करने
और लड़के को लड़की बना देने जैसे हैरतअंगेज करतब दिखा रहे हैं।