मौसम के तेवर काफी तीखे है। सर्द हवाएं पारे को लुढ़का रही है। सबसे ज्यादा परेशानी आशियाना विहीन गरीबों एवं दिहाड़ी कामगारों को हो रही है। दिन का समय तो जैसे तैसे निकल जाता है मगर कोहरे एवं शीतलहर के आगोश में समाती स्याह सर्द रातें गरीबों के लिए आफत बन रही है। डीएम के निर्देश के बाद भी न तो कंबल वितरण हो रहा है और न नियमित रूप से अलाव जल रहे है। आलम यह है कि रात बढ़ने के साथ ही अलाव बुझ जाते है। जिलाधिकारी रमेश मिश्रा ने तीन दिन पूर्व अलाव जलाए जाने के साथ ही असहायों, गरीबों के लिये भोजन, वस्त्र आदि की व्यवस्था कराने की ग्राम प्रधानों से अपील की थी ।
प्रशासन के यह है दावे
तीन दिन पूर्व जिलाधिकारी ने कहा था कि सर्दी को दृष्टिगत रखते हुये जनपद की सभी तहसीलों में प्रमुख स्थानों, चौराहों, बस स्टाप, रेलवे स्टेशन पर अलाव जलवाए जा रहे हैं। कंबल का वितरण कराया जा रहा है।
नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी ओर एसडीएम सदर पप्पू गुप्ता ने कहा था कि शहर के सभी प्रमुख स्थानों पर पालिका के संसाधनों से नियमित रूप से अलाव जल रहे है । नियमित रूप से अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है।
यह है दावों की हकीकत
प्रशासन के इन दावों की हकीकत क्या है यह प्रमुख स्थानों पर अलाव की पड़ी छिटपुट राख बता रही है। अलाव जलाने के लिए इतनी कम लकड़ी भूसी डाली जा रही है कि दो चार घंटों बाद ही वो राख में तब्दील हो जाती है। साफ तौर पर लोग कहते है कि दो चार चिपुरी लकड़ी भूसी डाल कर अलाव जलाने की रस्म अदायगी भर हो रही है।
जिला अस्पताल - समय सुबह 5: 30 बजे
अंधेरा है, कुछ लोग आ जा रहे है। अलाव को लेकर यहां भी सुबह के समय कोई समुचित व्यवस्था नहीं दिखाई दी अलबत्ता कुछ स्थानों पर पड़ी राख इस बात का इशारा कर रही थी कि रात के समय में अलाव जले होंगे।
सिनेमा चौराहा - समय सुबह 5: 40 बजे
सिनेमा चौराहे पर सन्नाटा पसरा हुआ है । इधर उधर रिक्शा आटो वाले आ जा रहे है। यहां भी अलाव की समुचित व्यवस्था नहीं दिखाई पड़ी। ऐसा लगा कि रात में अलाव जला था। सुबह के समय अलाव की व्यवस्था नहीं दिखाई दी
स्थान-नुमाइश चौराहा-समय सुबह 5:50 बजे
यहां भी अंधेरा है और बीच बीच में भारी वाहनों की लाइटें सन्नाटे को दूर करती । यहां भी न तो कही अलाव दिखाई पड़े और न हीं खुले आसमान के अखबार बेंचने वालों के लिए कोई खास बसेरा ।
डीएम चौराहा - समय सुबह 6: 00 बजे
डीएम चौराहे के आस पास मार्निग वाक पर निकलने वाले युवाओं का आवागमन हो रहा है। यहां भी अलाव जलते हुए नहीं मिले कमोवेश हर जगह रात में जले अलाव की राख आदि दिखाई पड़ी ।