निविदा फार्म की बिक्री कर धनराशि का गबन करने के
मामले में फंसे माधौगंज विकास खंड के सहायक लेखाकार की जांच में देरी की
गाज गिर सकती है। बीडीओ संडीला से जांच में देरी का कारण तलब करते हुए
डीडीओ ने उत्तरदायित्व अधिकारी व कर्मचारी के नाम मांगे हैं, ताकि उन पर
एफआईआर करायी जा सके।
साथ ही आरोपी सहायक लेखाकार के वेतन पर भी अग्रिम
आदेशों तक रोक लगा दी गई। माधौैगंज में तैनात सहायक लेखाकार रमेश चंद्र
पर बेहंदर ब्लाक में तैनाती के दौरान निविदा फार्मों की बिक्री से प्राप्त
हुए धन का गबन करने का आरोप लगा है।
बेहंदर में तैनात होने पर निविदा फार्म
की बिक्री कर सहायक लेखाकार ने उक्त राशि को न तो खाते में जमा कराया और न
ही कोई अभिलेख तैयार किए। बाद में खुलासा होने पर सहायक लेखाकार पर
कार्रवाई भी की गई और आरोप पत्र जारी करते हुए डीडीओ ने जांच के आदेश दे
दिए।
डीडीओ ने बीडीओ संडीला को जांच की जिम्मेदारी और आख्या एक माह में तलब
की। पर, जांच अफसर नामित हुए तीन माह बीत गए हैं, लेकिन रिपोर्ट नहीं
आई। अब डीडीओ श्रीनिवास मिश्र ने बीडीओ संडीला से जांच में देरी होने का
कारण स्पष्ट करते हुए जांच में विलंब करने वाले अफसर, कर्मी का
उत्तरदायित्व निर्धारित करने को कहा है।
उन्हाेंने बीडीओ को निर्देश दिए कि
वह जांच में रुचि न लेने वाले अफसर, कर्मी का नाम मुहैया कराएं, ताकि उनके
विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जा सके। आरोपी कर्मी द्वारा जांच आख्या
मुहैया न कराने के बाबत उनका मार्च 15 से अग्रिम आदेशों तक वेतन भी रोकने
का आदेश दिया है।