थाना क्षेत्र के नरधिरा गांव में एक विवाहिता को पति
ने इतनी बेदर्दी से पीटा की उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। विवाहिता के
पिता ने बताया कि घायल पुत्री ने अस्पताल में मायके वालों को पति की करतूत
रोते हुए बताई थी। आपसी समझौते पर गुरुवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया
है। उधर, पुलिस ने घटना की सूचना होने से ही इनकार कर दिया।
मिली
जानकारी के अनुसार, नरधिरा गांव निवासी अतुल उर्फ अरविंद का 3 अगस्त की रात
खाने को लेकर पत्नी मनोरमा से विवाद हो गया था। आरोप है कि इसी को लेकर
अतुल ने उसे बेरहमी से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। थाना
पुलिस से बचने के लिए उसने पत्नी को इलाज के लिए शाहजहांपुर लेकर गया था।
वहां पर चिकित्सकों ने हालत गंभीर देख कर उसे बरेली के लिए रेफर कर दिया
था। इस बीच मायके वालोें को भी पत्नी के बीमार होने की सूचना दे दी। इस
बाबत मनोरमा के पिता नंद किशोर निवासी पैला थाना नीमगांव खीरी व मां
ज्ञानवती ने बताया कि बीमारी की सूचना पर वह लोग बरेली के हास्पिटल
पहुुंचे।
वहां उनकी पुत्री ने पति की करतूत बताते हुए कहा कि लाठी-डंडों से
पीट पीट कर उसे घायल किया गया है। पिता के अनुसार गुरुवार की सुबह
मनोरमा की बरेली में इलाज के दौरान ही मौत हो गई। वह लोग शव के साथ ही
नरधिरा आए। गांव के कुछ असरदार लोगाें के हस्तक्षेप से सुलह समझौता होने के
बाद शव का गांव के करीब खेत में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
वारदात को
लेकर मनोरमा के दोनों बच्चों संध्या (6) व अंशु (2) को गहरा सदमा पहुंचा
है। दो वर्षीय अंशु को मां के बगैर रोता देखकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो
गई। उधर, ग्रामीणों ने कि पुलिस कार्रवाई से बचने को मायके वालों से मृतका
के दोनों बच्चोें के नाम कुछ संपत्ति करने का समझौता लिखित रूप से
ससुरालियों ने किया है। उधर, एसओ लालता प्रसाद साहू ने घटना की जानकारी से
इंकार किया है।