हरदोई। उम्र का चौथापन और हाथों में बैंक पास बुक, आधार कार्ड लेकर आने वाले बुजुर्गों को जब यह पता चलता है कि वह अभिलेखों में मृतक हो चुके हैं। इस पर बुजुर्ग सवालिया लहजे में कहते हैं, हम तो जिंदा हैं साहब... काहे रोक दी पेंशन। वृद्धावस्था पेंशन के सालाना सत्यापन में कई बुजुर्गों के जीवित होने के बावजूद उन्हें मृतक दर्शा दिया गया। इससे उनकी पेंशन बंद करा दी गई।
समाज कल्याण कार्यालय आने वाले बुजुर्गों को काउंटर पर मृतक बताए जाने पर सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। करीब एक साल से भरण-पोषण के लिए मिलने वाली पेंशन का इंतजार कर रहे बुजुर्ग अब कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। सत्यापन में मृतक और अपात्र दर्शाए जाने के कारण करीब 4,260 पेंशनर्स की पेंशन निरस्त की गई है।
सामाजिक सहायता कार्यक्रम में 60 साल और इससे अधिक आयु के बुजुर्गों को भरण-पोषण के लिए वर्तमान में 1,500 रुपये मासिक पेंशन दिए जाने की व्यवस्था है। सत्यापन में अपात्र और मृतक दर्शाए जाने से बड़ी संख्या में बुजुर्ग कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। जदुरानी, छेदीलाल ही नहीं खजोहना की जयदेवी, गौसगंज की उमर जहां, मुन्नीदेवी आदि बड़ी संख्या में बुजुर्ग अपनी पेंशन की जानकारी के लिए दौड़-भाग कर रहे हैं।
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केस एक
सामाजिक सहायता कार्यक्रम में वृद्धावस्था पाती रहीं कुरसेली के बसोहा निवासी 63 वर्षीय जदुरानी पत्नी घुरई करीब एक साल पेंशन न मिलन के कारणों की जानकारी करने समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय आई थीं। जदुरानी के मुताबिक जब उन्होंने पेंशन न आने का कारण जानना चाहा तो बताया गया कि सत्यापन में उनका नाम मृतक श्रेणी में दर्ज है। इसलिए पेंशन रोक दी गई। अब वह खुद को जीवित साबित करने के लिए विभाग के साथ अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
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केस दो :
समाज कल्याण विभाग से भरण-पोषण के लिए मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन पाने वाले सखेड़ा निवासी छेदीलाल पुत्र वैजनाथ को भी करीब एक साल से पेंशन नहीं मिली। छेदीलाल के मुताबिक वह गांव में ही रहते हैं। एक साल से पेंशन न आने से भरण-पोषण में काफी दिक्कतें आईं। इस पर जानकारी के लिए कार्यालय आए तो बताया गया कि वह सत्यापन में कागजों पर मृतक हो चुके हैं। अब वह खुद को जिंदा साबित करने के लिए दौड़-भाग कर रहे हैं फिलहाल कहीं से भी पेंशन मिलने की उम्मीद नहीं जगी है।
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शासन की तरफ से दी गई व्यवस्था में बीडीओ और एसडीएम के माध्यम से 1.71 लाख लाभार्थियों का सत्यापन कराया गया। लाभार्थियों के जीवित होने की शिकायतें मिलीं। सत्यापन में 4,260 बुजुर्ग मृतक और अपात्र चिह्नित किए गए। सत्यापन सूची के आधार पर मृतक और अपात्र पेंशनर्स की पेंशन पर शासन ने रोक लगा दी। -अवनीश कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी
ऐसे करने होगा आवेदन
अब फिर से करने होंगे आवेदन वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ पा रहे लाभार्थियों में से अपात्र और मृतक श्रेणी में दर्शाए गए बुजुर्गों में से पात्र और जीवित व्यक्तियों को दोबारा से आवेदन करने होंगे। समाज कल्याण विभाग ने पेंशन योजना को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया है। इससे एक बार पेंशन निरस्त होने के बाद पोर्टल से नाम ही हटा दिया जाता है। ऐसे में इन बुजुर्गों के लिए अब दोबारा से आवेदन किए जाने का ही रास्ता बचा है।