शाहाबाद। हूंसेपुर में 18 जुलाई की रात चोरी का विरोध करने पर बुजुर्ग चौकीदार तेजा (65) को चोरों ने डंडों से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने 11 दिन की जांच के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
लखनऊ पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम हूंसेपुर के पास सीमेंट की ईंट बनाने वाली फैक्टरी है। यह फैक्टरी पाली नगर के सराय सैफ निवासी चंद्रप्रकाश शुक्ला की है। इसी फैक्टरी पर हूंसेपुर निवासी तेजा चौकीदारी करते थे।
वह वहीं पर रात के समय झोपड़ी में रहकर फैक्टरी की रखवाली करते थे। 18 जुलाई की रात चोर सीमेंट फैक्टरी से जनरेटर के अल्टीनेटर से तांबे के तार चोरी करने आए थे। इस दौरान चोरों की आहट से तेजा उठ गए। उन्होंने चोरी का विरोध किया। चोरों ने उन पर हमला किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
19 जुलाई की सुबह मृतक का खून से लथपथ शव फैक्टरी के पास मिला था। मृतक के पुत्र मुकेश ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के आधार पर जांच कर हत्यारों की पहचान की।
गिरफ्तार आरोपी अंकित पंडितपुरवा और रामसेवक ग्राम मढ़िया के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो डंडे और दो साइकिल बरामद की हैं। तीसरा आरोपी अभी भी फरार है। गिरफ्तार आरोपियों को पूछताछ करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
25 जुलाई को एक फरियादी लेकर आया शिकायत और फिर तेज हुई तलाश
पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन 25 जुलाई को लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। तभी उनके पास लोनार थाना क्षेत्र के जगदीशपुर निवासी रामबरन पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को बताया कि छह जुलाई की रात नलकूप पर तीन लोगों ने उन्हें पीटकर घायल कर दिया था। इसकी रिपोर्ट आठ जुलाई को दर्ज की गई है। रामबरन ने मामले के खुलासे की गुहार लगाई थी। पुलिस अधीक्षक को बुजुर्ग की हत्या और इस मामले में कुछ समानताएं नजर आईं। इसके बाद ही हत्यारों की तलाश कर रही पुलिस को सुराग मिलते गए और बुधवार को पुलिस हत्यारों तक पहुंच गई।
खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार का इनाम
पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन ने वारदात का खुलासा करने वाली स्वाट, सर्विलांस व कोतवाली पुलिस टीम को 25 हजार इनाम देने की घोषणा की। टीम में कोतवाल उमेश त्रिपाठी, एसआई मोहम्मद अमजद, राकेश कुमार, हरदीप कुमार, कांस्टेबल नितिन तोमर, गुंजन गिल, रविशंकर और स्वाट टीम से दीवान अनिल सिंह, रामकृष्ण, आनंद, संजय, सागर, पुष्पेंद्र, कांस्टेबिल ओमवीर, उज्जवल आदि शामिल रहे।