पांच नदियों से घिरे सवायजपुर तहसील क्षेत्र के
कटियारी क्षेत्र में आज भी विकास को लेकर लोगों की उम्मीदें और आशाओं से
भरी निगाहें उस मसीहा को खोज रही हैं, जो कटियारी क्षेत्र के लिए विकास
कार्यों का बड़ा और विशेष पैकेज दिला सके। जिससे क्षेत्र का समुचित विकास
हो सके।
पांच नदियों से घिरे रहने वाले इस क्षेत्र में आज भी तमाम गांवों
तक सीधे पहुंचने के लिए कोई रास्ता नहीं है। नावों से नदी को पार करके
ही इन गांवों तक पहुंचा जा सकता है, ऐसे में वहां पर बड़े पैमाने पर पुलों
एवं छोटे पुलों की दरकार है। करीब 40 वर्षों से विस एवं लोस के चुनावों में
कटियारी क्षेत्र की बाढ़ विभीषिका एवं पुल मुद्दा बनते आ रहे हैं।
इनमें
से कुछ पुल और छोटे पुल बने भी, जिससे तमाम गांवों के लोगों तक सुविधाएं
पहुंचीं,, पर क्षेत्र के तीन बडे़ पुल सबसे अहम माने जाते हैं, इनमें
कुसुमखोर का पुल जो कि कन्नौज जिले को सीधे जोड़ता है और दूसरा अर्जुनपुर
पुल जो कि सीधे फर्रुखाबाद को जोड़ता है।
इसके अलावा बेहथर अरबल और दहेलिया
के बीच पड़ने वाली नदी पर पुल काफी आवश्यक माना जाता है। इन बड़े पुलों की
आस पिछले लंबे समय से पूरी नहीं हो पा रही है। इनमें अर्जुनपुर पुल को
लेकर सियासी बवंडर भी उठ चुका है। गत लोस चुनाव के ठीक पहले प्रदेश सरकार
ने बेडीजोर का पुल स्वीकृत कर क्षेत्र के लोगों को सौगात दी।
पर अभी
क्षेत्र में इन तीन पुलों के अलावा कई स्थानों पर पुलों एवं छोटे पुलों के
साथ सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं की दरकार है, जिसके लिए पुलों का होना
जरूरी है। महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलों का होना क्षेत्र के विकास पर ब्रेक
लगाए हुए है।
पुलों के लिए क्षेत्र में लोगों के साथ आंदोलन करते रहने
वाले पंचनंद के संयोजक अवनीकांत बाजपेयी कहते हैं कि क्षेत्र के विकास के
लिए यहां बडे़ पैमाने पर पुलों के साथ विकास कार्यों की जरूरत है।