मंडी स्थित क्रय केंद्र पर गेहूं की तौल करते श्रमिक। संवाद
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हरदोई। मंडी में गेहूं की कम आवक, केंद्रों की संख्या और बारदाने की कमी ने इस बार खरीद को प्रभावित किया है। 21 मई तक साल 2019-20 में 14 लाख क्विंटल के सापेक्ष 10.60 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद की गई थी। इस बार अभी तक 5.98 लाख क्विंटल की खरीद ही हो सकी है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि प्रयास जारी हैं, जिले में लक्ष्य के अनुरूप खरीद की जाएगी।
लॉकडाउन के चलते रबी विपणन वर्ष 2020-21 के तहत 1 अप्रैल से शुरू होने वाली गेहूं की सरकारी खरीद इस बार 15 दिन देरी से शुरू हो सकी है। शासन द्वारा खरीद के लिए जनपद को लगभग 14 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए जनपद में खाद्य विभाग समेत 7 एजेंसियों के कुल 119 क्रय केंद्र स्वीकृत किए गए हैं।
जबकि गत वर्ष 2019-20 में गेहूं खरीद के लिए जनपद मेें 149 क्रय केंद्र खोले गए थे। क्रय केंद्रों की संख्या कम होने के साथ ही इस बार बाजार/मंडी में गेहूं की आवक गत वर्ष की अपेक्षा 30 से 40 फीसद रही। डिप्टी आरएमओ अनुराग पांडे का कहना है जनपद में पर्याप्त बोरे उपलब्ध हैं, सभी क्रय केंद्रों पर नियमित खरीद की जा रही है। प्रयास जारी है, निर्धारित समय में जनपद में लक्ष्य अनुरूप खरीद की जाएगी।
जरूरत नहीं, इसलिए नहीं बेची उपज
हरदोई। जनपद की सभी मंडियों में इस बार गत वर्ष की अपेक्षा गेहूं की आवक काफी कम रही। कई जगह यह आंकड़ा 30 से 40 फीसद तक रहा। मल्लावां के ग्राम मढिय़ा निवासी किसान विजय कुमार ने बताया कि लॉकडाउन के चलते कई दिनों तक बाजारें बंद रहीं, इसी लिए गेहूं भंडारित कर लिया है। बाजार भाव बढ़ने पर मंडी में उपज बेंचेंगे।
वहीं तेरिया भवानीपुर गांव निवासी किसान विनोद कुमार ने बताया कि दो माह से अधिक समय से लॉकडाउन चल रहा है। बाजारें कई दिनों तक बंद रहीं और मांगलिक कार्यक्रम भी नहीं हो रहे हैं। इसलिए कोई विशेष आवश्यकता नहीं है। बाजार में गेहूं के भाव बढ़ने की उम्मीद है। बाजार भाव बढ़ने पर अपनी उपज बेंचेंगे।