अतिकुपोषित बच्चों के लिए शुरू कराए गए वजन दिवस का
द्वितीय चरण गुरुवार को हुआ। वजन दिवस में शहर समेत नौ विकास खंडों के
आंगनबाड़ी केंद्रों पर शून्य से पांच वर्ष के बच्चों का वजन किया गया। सभी
केंद्रों पर वजन कर प्रपत्रों को भरा गया।
हालांकि एक संगठन द्वारा
बहिष्कार की चेतावनी से अफसरों के पसीने छूटते रहे, पर जिले में ऐसी कोई
सूचना नहीं मिली। बाल विकास विभाग द्वारा अतिकुपोषित बच्चों की पहचान को
आंगनबाड़ी केंद्रों पर शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों के वजन के शुरू
हुए अभियान में गुरुवार को शहर समेत नौ विकास खंडों में महाअभियान आयोजित
हुआ।
बावन, मल्लावां, बिलग्राम, अहिरोरी, भरावन, पिहानी, हरपालपुर,
कोथावां, टोडरपुर और शहर के 1912 केंद्रों पर भी 3,04,227 बच्चों का वजन
करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। द्वितीय चरण में शामिल केंद्रों पर
सुबह से ही वजन कराने की प्रक्रिया अपनाई गई।
इस दौरान सेक्टर मजिस्ट्रेटों
ने केंद्रों पर जाकर वजन मशीन की उपलब्धता और कार्य प्रक्रिया को भी
जांचा। वजन दिवस का कार्य शत प्रतिशत कराने का प्रयास किया गया। हालांकि,
कुछ स्थानों पर पंजीकृत सभी बच्चों का वजन न होने की बात सामने आई है।
पर,
उनका वजन अब 11 सितंबर को किया जाएगा। वहीं एक संगठन ने वजन दिवस के
बहिष्कार की चेतावनी भी दी थी, ऐसे में अफसर किसी भी संभावना से अशंकित
रहे। डीपीओ प्रकाश कुमार ने बताया कि वजन दिवस में कोई अड़चन नहीं आई और
सभी केंद्रों पर वजन किया गया है।
उधर, प्रथम चरण पर सभी केंद्रों पर वजन
तो करा लिया गया, पर पंजीकृत सभी बच्चों का वजन नहीं हो सका और 18,145
बच्चे छूट गए। इनमें संडीला में 364 बच्चे, कछौना मे 1660, बेहंदर में 820,
सुरसा में 1889 बच्चे, माधौगंज में 1853, हरियावां में 2744, सांडी में
551, शाहाबाद में 2411, टड़ियावां में 1724 तथा भरखनी में 4129 बच्चों का
वजन नहीं हो सका। जिनका वजन अब शुक्रवार को कराया जाएगा।