प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय
द्वारा गुरुवार चौथे दिन साधकों की कमजोरियों का नाश कराया गया। बहन प्रभा
मिश्रा द्वारा दिव्य होलिका दहन में कमजोरियों को स्वाहा करते हुए जीवन में
मंगल लाने का संदेश दिया गया। उन्होंने सफलता पाने को हर दिन को अंतिम दिन
मान कर जीने की सलाह दी।
जीआईसी में आयोजित तनाव मुक्ति शिविर के चौथे
दिन बहन प्रभा मिश्रा ने कहा कि 21वीं सदी में हमने तरक्की तो कर ली, पर
जीवन में शांति को दूर कर दिया। बिल्डिंग तो बड़ी बना लीं, पर घर टूटा हुआ
है यह नहीं देख रहे हैं, क्योंकि घर ईंट व पत्थर से नहीं, बल्कि अपने
परिवार के लोगों में स्नेह और अपनेपन से बनता है।
हम चांद और मंगल तक तो
पहुंच गए, पर मंगल जीवन में समाप्त हो गया। पहले ईश्वर से मिलने पहाड़ों पर
जाते थे, पर आज भगवान को कीलों पर टांग दिया। जिंदगी को अगर शांति और सफल
पूर्वक ढंग से जीना है, तो ऐसे जीएं कि मात्र 24 घंटे ही बाकी हैं।
कहा
कि यदि आप किसी से ईर्ष्या, नफरत नहीं करेंगे, तब आप जानेंगे कि जीवन में
कितना आनंद व सुख है। कहा कि लोग हमेशा दूसरे से लेने की अपेक्षा ही रखते
हैं, पर जिस दिन आप देना सीख जाएंगे, उस दिन जिंदगी के सही अर्थ को समझ
जाएंगे।
धन व दौलत एकत्रित तो करते हैं, पर आंख बंद होने के बाद वह यहीं रह
जाती है, बल्कि उसे पाने के लिए अपने ही आपस में लड़ते हैं। जीवन में
लोगाें का भला करना चाहिए। ब्रह्मकुमारी बहन ने लोगों की कमजोरियों का नाश
करने को दिव्य होलिका दहन कराया और ईश्वरीय वरदान कार्ड बांटे।
कार्यक्रम
का संचालन बीके मालती देवी ने किया। इस दौरान ब्लाक प्रमुख हरियावां सरोज
सिंह, शिल्पी पांडेय, मधुबाला पांडेय, पवन सिंह, सोनी पूर्व सदस्य, बादशाह
सिंह आदि मौजूद थे।