सूबे के गवर्नर राम नाईक ने कहा कि देश की शिक्षा
व्यवस्था में सुधार की जरूरत है, इसके लिए जो लोग नेतृत्व कर रहे, उन्हें
यह सोचना चाहिए कि नई पीढ़ी को किस प्रकार की शिक्षा देनी है।
शिक्षा ऐसी
हो जो देश व परिवार के काम आए। उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था से
महाविद्यालय की तुलना करते हुए कहा कि आज यह कालेज शिक्षा में काफी पिछड़ा
है। वह मंगलवार को सीएसएन पीजी कालेज के स्वर्ण जयंती समारोह के उद्घाटन
मौके पर बोल रहे थे।
गवर्नर ने कालेज के संस्थापक स्वतंत्रता सेनानी
मोहनलाल वर्मा को याद करते हुए कहा कि 50 वर्ष पूर्व कालेज की स्थापना करना
उनकी दूरदृष्टि सोच का परिचायक है। आज जहां कालेजों में 20 से 25 हजार
छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, वहीं इस कालेेज में विद्यार्थियों की कम
संख्या सोचनीय विषय है।
कहा कि रिक्त पदों पर प्रवक्ताओं की नियुक्ति को के
लिए राज्य सरकार को पत्र भेजेंगे और नियुक्तियां कराएंगे। इस मौके पर
गवर्नर ने वार्षिक पत्रिका सर्जना व प्रवक्ता दया शंकर द्वारा लिखित
पर्यावरण का अर्थशास्त्र पुस्तिका का भी विमोचन किया। कानपुर विवि कुलपति
वैशमपायम ने कहा कि टीचरों की कमी के बावजूद महाविद्यालय प्रगति कर रहा है।
प्राचार्य डा. नरेश चंद्र शुक्ला ने कालेज के इतिहास और उपलब्धियों को
बताया। डा. संदीप सिन्हा ने आभार जताया। इस मौके पर डीएम रमेश मिश्र, सीडीओ
आरएनएस यादव, नगर मजिस्ट्रेट लक्ष्मीशंकर सिंह, एसडीएम अविनाश कुमार,
पप्पू गुप्ता, एएसपी पूर्वी बीसी दुबे तथा प्रवक्ता दया शंकर यादव, अरुणेश
बाजपेयी, सूरज वर्मा आदि मौजूद थेे।