सपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा संासद नरेश
अग्रवाल ने कहा कि टीचर समाज का मार्ग दर्शक है, वह कभी रिटायर नहीं होता।
उन्होंने शिक्षा के स्तर को सुधारने को टीचरों से आह्वान किया। केंद्र
सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि केंद्र द्वारा शुरू की गई ई-प्रणाली का
लाभ गांव के लोगों को नहीं मिलेगा, बल्कि उसे पूंजीपति लाभान्वित होंगे।
वह
रविवार को प्रेक्षागृह में आयोजित सेवानिवृत्त टीचरों के सम्मान समारोह
में बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने 223 सेवानिवृत्त टीचरों को शाल ओढ़ा
देयकों के भुगतान के चेक बांटे। इस मौके पर सांसद ने कहा कि टीचर
सेवानिवृत्त के बाद समाज की बेहतरी को कार्य करें।
उन्होंने कहा कि दैवी
आपदा से प्रभावित किसानों के लिए प्रदेश सरकार ने 80 हजार करोड़ का
प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा, इसके सापेक्ष फूटी कौड़ी नहीं मिली। नतीजतन
प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से दो हजार करोड़ रुपये अभी तक पीड़ित किसानों
को वितरित कर चुकी है।
कहा कि जिले मेें कुछ लोग जातपात के नाम समाज में
जहर घोल रहे हैं, उनसे सावधान रहने की जरूरत है। इस मौके पर उन्होंने 11
सेवानिवृत्त टीचरों को शाल ओढ़ाकर देयकों के भुगतान का चेक दिए। उन्होंने
पांच शिक्षामित्रों को टीचर का प्रमाण पत्र दिया, वहीं अन्य सेवानिवृत्त
टीचरों को सम्मानित किया।
सांसद नरेश ने बीएसए द्वारा जनपद के 238 टीचरों
के नियमित रूप से स्कूल न जाने की बात पर नसीहत दी और कहा कि उनसे भी कई
टीचर जुड़े हैं, पर इसका यह मतलब नहीं कि अपनी जिम्मेदारियों का वहन न
करें। कहा कि उनके इर्द गिर्द बैठने वाले टीचर भी यदि जिम्मेदारी का वहन
नहीं करेंगे तो उनको माफ नहीं किया जाएगा।
सांसद ने कहा कि अगर कोई उनसे
अधिक कार्य करे तो वह दिखाई देना चाहिए। बताया कि जनपद की सड़कें काफी
अच्छी स्थिति में हैं और उन्होंने सरकार को 10 करोड़ का प्रस्ताव और दिया
है, ताकि जिले की कोई भी सड़क और गलियां कच्ची न रह जाए।
कहा कि सरकार
में बैठ कर सरकार को कोसते हैं, वह लोग अपनी जिम्मेदारियों से भागते हैं।
बीएसए बृजेश मिश्रा ने कहा कि शिक्षा के स्तर को उठाना होगा और गुणवत्ता
बढ़ानी होगी। उन्होंने टीचरों को नियमित स्कूल आने को कहा। कार्यक्रम का
संचालन श्याम जी मिश्रा ने किया।