ग्राम मक्कूपुरवा में मकान तोडने के बाद मलबा हटाते ग्रामीण। संवाद
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हरदोई (बिलग्राम)। गंगा नदी में उफान के कारण क्षेत्र में कई स्थानों पर कटान जारी है। मक्कपुरवा व चिरंजूपुरवा में कटान का दायरा बढ़ने से लोग मकानों को तोड़कर मलबा व सामान समेटने में जुटे हैं। हाल ये है कि राजघाट चौराहे से चिरंजुपुरवा मार्ग पर पानी भर गया है। एसडीएम बिलग्राम कपिल देव यादव ने बताया कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
नरौरा, हरिद्वार व अन्य बांधों से 24 घंटे मेंगंगा नदी में लगभग ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। इसका असर क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है। मक्कूपुरवा, चिरंजूपुरवा व रघुवीरपुरवा में कटान जारी है। मक्कूपुरवा में अब तक लगभग तीन दर्जन मकान कटान की जद में आकर नदी में समा चुके हैं। रघुवीरपुरवा में भी कई मकान नदी में समा चुके हैं। वहीं चिरंजूपुरवा में व राजघाट चौराहे के पास सड़क कट रही है। सिंचाई विभाग की ओर से कटान नियंत्रण को लेकर युद्धस्तर पर काम कराया गया है। रामगंगा व गर्रा का भी जलस्तर बढ़ा है, लेकिन दोनों नदियां खतरे के निशान से दूर हैं। एसडीएम बिलग्राम कपिल देव ने बताया कि अभी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। कटान की रोकथाम के लिए सिंचाई विभाग की मदद से काम कराया जा रहा है।
गृह अनुदान की फाइलें स्वीकृत
बिलग्राम। जून से लेकर अब तक गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने पर ग्राम मक्कूपुरवा कटान से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। ग्राम मक्कूपुरवा में अब तक तीन दर्जन मकान कट चुके हैं। वहीं एक सप्ताह पहले ग्राम रघुवीर पुरवा में भी दो मकान कट चुके हैं। प्रशासन की ओर से ऐसे लोगों के लिए गांव के स्कूल में आश्रय स्थल बनाया गया है। एसडीएम कपिल देव यादव ने बताया कि प्रशासन की ओर से सारी व्यवस्था दुरुस्त रखी गईं हैं, लेकिन प्रभावित लोगों के पास वैकल्पिक मकानों की व्यवस्था थी, जिसके चलते वह उसमें चले गए हैं। फिलहाल कटान के मामले में सभी की गृह अनुदान की फाइलें स्वीकृत कर दी गईं हैं।
ये है नदियों का जलस्तर
नदी जलस्तर (गेज मीटर में) खतरे का निशान
1. गंगा 124.95 124.97
2. रामगंगा 135.80 137.10
3. गर्रा 145.05 148.80