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रामगंगा का जल स्तर बढने से कटान तेज, ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ी

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फोटो-46- नदी की तेज धार से कुछ इस तरह हो रहा गोरिया शिवपुरी मार्ग का कटान। संवाद - फोटो : HARDOI
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सवायजपुर में रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ तटवर्ती इलाकों के लोगों की धड़कनें भी बढ़ गईं हैं। कई मकान कटान की जद में हैं, वहीं खेत भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। परेशान गोरिया व बरहुली समेत कई गांवों के लोगों ने प्रशासन से बचाव के इंतजाम करने की मांग की है।
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पहाड़ों पर हो रही बारिश व बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद गंगा व गर्रा समेत रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ा है। रामगंगा के तट पर बसे गोरिया गांव के किनारे स्थित प्राथमिक विद्यालय के अतिरिक्त कक्ष की एक दीवार शनिवार को नदी में समा गई थी। गांव के ही अवधेश व शिवपुरी के ब्रजपाल के खेत भी कटान की चपेट में आ गए हैं।
वहीं बरहुली गांव में मलिखान व जितेंद्र के खेतों की मिट्टी भी कट रही है। अवनीश, मधुरेंद्र व गोपा समेत चार लोगों के घर नदी में समा चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बढ़ते पानी व तेज धार से गोरिया से शिवपुरी जाने वाला मार्ग भी कटने लगा है।
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गोरिया के ग्राम प्रधान गामा सिंह ने बताया कि कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा कराए गए काम भी नाकाफी साबित हो रहे हैं। बालू की बोरियां भी कट रही हैं। प्रधान ने कहा कि यदि नदी का पानी इसी तेजी से बढ़ता रहा तो जल्द ही पानी गांव में घुस जाएगा। एसडीएम सवायजपुर मनोज सागर ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अभी हालात नियंत्रण में हैं, कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग की मदद से संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
रामगंगा नदी में उफान से पूर्व में भी कई बार गोरिया गांव के कई हिस्सों में कटान हो चुकी है। 2018 में कटान के चलते गांव का प्राथमिक विद्यालय नदी में समा गया था। इसके अलावा कई मकान भी नदी में समा गए थे। इस बार फिर से नदी में पानी बढ़ना शुरू हो गया है। गांव के महिपाल, सोनपाल, रामचंद्र, धनीराम, रामसेवक, सियाराम व महावीर आदि ने प्रशासन से कटान रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
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