हरदोई/सांडी/बिलग्राम/हरपालपुर। नदियों में आई बाढ़ का पानी कन्नौज टू लेन मार्ग पर करीब दो-दो फीट ऊंचाई में बह रहा है। तेज बहाव के कारण वाहनों का आवागमन रोका गया है। इससे लोगों को नावों के माध्यम से आवागमन करना पड़ रहा है। वहीं कटियारी क्षेत्र के गांवों में पानी पहुंचने से लोगों ने पलायन शुरू किया है।
बैराजों से छोड़े जाने वाले और बरसात के पानी से जिले में प्रवाहित गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी में आई बाढ़ का पानी कटरी और कटियारी क्षेत्र में तैजी से फैलाव लिया है। कन्नौज टू लेन मार्ग पर आवागमन रोके जाने के बाद भी लोग जोखिम उठाकर निकल रहे हैं। बरंडारी से श्रीमऊ वाया कन्नौज जाने वाले टू लेन सड़क पर करीब एक किलोमीटर में पानी की दो-दो फीट ऊंचाई में धार बहने से कई जगह गड्ढे और गहराई अधिक हो गई है। अरवल पुलिस ने श्रीमऊ पुलिया के पास दो होमगार्ड की ड्यूटी भी लगाई है। लोग नाव आवागमन करने को मजबूर हैं।
तहसील बिलग्राम क्षेत्र में गंगा और गर्रा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से 23 गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। 11 गांव ऐसे हैं जहां बाढ़ का पानी आबादी के आसपास है या आबादी में घुस रहा है। इससे जनजीवन और कृषि दोनों प्रभावित हैं। इनमें चिरंजू पुरवा, शेखनपुरवा, उम्मेद पुरवा, मदारी पुरवा, जरेला, पुन्ना पुरवा, भिखा पुरवा, शेखन पुरवा, बुड्ढन पुरवा, चुन्नी पुरवा और सुनारी पुरवा शामिल हैं। यहां पर लोगों को दैनिक उपयोग की सामग्री और चारा आदि जुटाने में मेहनत करनी पड़ रही है। नावों से आवागमन चल रहा है। चुन्नी पुरवा में आबादी में पानी पहुंचा है। यहां पर राजस्व टीम लगाकर नाश्ता और पका भोजन वितरित कर रही है। मंगलवार को तीन सौ राहत किट वितरित की गई। 12 अन्य गांव ऐसे हैं जहां मुख्य रूप से फसलें जलमग्न हुई हैं।
इनमें कटरी अजमतपुर, कटरी बाण, कटरी महदेवा, कटरी म्योरा गंग बरार, कटरी छिबरामऊ, जरसेनामऊ, टेमनापुर, रामपुर मझियारा, पंच अजमतनगर, पंचशाला, जरौली कला, सढियापुर, सीसाला, कटरी जफरपुर, कटरी करेहका, संजलपुर और गंजरी शामिल हैं। एसडीएम एन राम ने बताया कि लेखपाल और राजस्व टीम मौके पर निगरानी में लगाई गई है। बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखा गया है। आबादी की ओर बढ़ रहे पानी को लेकर वह और तहसीलदार दीपक गौतम भ्रमण भी कर रहे हैं।
कटियारी की ग्राम पंचायत चंद्रमपुर के मजरा शंकरपुरी, दुलारपुर, छब्बपुरवा आदि गांव के गलियारों में कई-कई फीट पानी भर गया है। झोपड़ियां भी डूब गई हैं, इससे शंकरपुरी गांव के रिंकू कश्यप, मानसिंह पाल, वीरपाल, शोभित पाल, महेंद्र पाल, रमाकांत पाल व
लालू पाल अपनी भेड़ों के साथ पलायन कर ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हैं।
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बाढ़ प्रभावितों को दी गईं राहत किट
बाढ़ प्रभावित परिवारों तक प्रशासन पहुंच बनाए हुए हैं। मंगलवार को अपर जिलाधिकारी दीपाली भार्गव, ब्लॉक प्रशासक अनिल राजपूत और सवायजपुर एसडीएम शिवानी सिंह ने बरौली धर्मशाला में 135 बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री किट व अन्य सामग्री का वितरण किया। एडीएम ने एसडीएम के साथ अब्दुलपुर और बम्हरौली गांव के राहत शिविरों का निरीक्षण किया। पीड़ितों से संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना और त्वरित मदद का भरोसा दिलाया। तहसीलदार सवायजपुर सौरभ सिंह, नायब तहसीलदार राजेश पटेल, अमन प्रमाप सिंह आदि मौजूद रहे।
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तहसील सदर स्थापित किया गया कंट्रोल रूम
गंगा, रामगंगा के साथ गर्रा नदी में बाढ़ के दृष्टिगत तहसील सदर में बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। एसडीएम आशुतोष कुमार ने बताया कि सदर क्षेत्र में अभी बाढ़ से गांवों तक पानी नहीं पहुंचा है। राजस्व टीम के माध्यम से निगरानी कराई जा रही है। वहीं किसी भी अप्रिय स्थित से निपटने के लिए इंतजाम के साथ ही बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। कंट्रोल रूम का फोन नंबर 05852-234345 है। वहीं उनके, तहसीलदार और नोडल अधिकारी नायब तहसीलदार अनुपम तिवारी के मोबाइल नंबर 8299725269 पर भी जानकारी दी जा सकेगी।