नवोदय विद्यालय में वार्डन के धमकाने पर छह छात्राओं
की हालत बिगड़ी थी, जिस पर विद्यालय प्रशासन ने उन्हें सीएचसी भेजा, जहां
से जिला अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में उपचार के बाद हालत में सुधार
होने पर उन्हें विद्यालय वापस भेज दिया गया।
सोमवार को इस मामले में
प्रधानाचार्या ने वार्डन को पद से हटाकर दूसरे टीचर को जिम्मेदारी सौंप दी।
वहीं दो छात्राओं को उनके अभिभावक वापस घर ले गए। जिलाधिकारी रमेश
मिश्र ने बताया कि वह इस मामले की जानकारी लेकर जांच कराएंगे और जो भी दोषी
होगा उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ज्ञात हो कि नवोदय विद्यालय के
छात्रावास में रह रही कक्षा 6 की छात्रा शिखा (11), कक्षा 7 की छात्रा
प्राची (11), ओजस्वी (12), यूरूस (11), समृद्धि (12) व प्रज्ञा सिंह (12)
का कुछ सामान गायब हो गया था, जिसकी शिकायत छात्राओं ने प्रधानाचार्या से
करते हुए वार्डन पर आरोप लगाए थे।
मामले को गंभीरता से लेते हुए
प्रधानाचार्या ने वार्डन किरण बाला पांडेय के कक्ष की तलाशी करवाई जिसमें
छात्राआें का सामान बरामद हो गया। जिस पर प्रधानाचार्या ने वार्डन को सख्त
हिदायत दे डाली थी। आरोप है कि इस पर नाराज वार्डन ने शनिवार की रात इन
छात्राओं को धमकाया।
बताया जाता है कि उन्हें स्कूल के बाहर पिटवाने की
धमकी दे डाली। इस पर छात्राएं दहशत में आ गई थी। रविवार को सुबह उन्होंने
जैसे तैसे नाश्ता किया और बाद में सिर में दर्द और बुखार की बात कहकर
प्रधानाचार्या से दवा दिलवाने को कहा। प्रधानाचार्या ने उन्हें सीएचसी भेजा
जहां उपचार के बाद लाभ मिलने पर सभी छह छात्राआें को जिला अस्पताल लाया
गया।
यहां चिकित्सक ने उपचार कर हालत सुधरने के बाद देर शाम उन्हें वापस
स्कूल भेज दिया। जिला अस्पताल के चिकित्सक डा. शेर सिंह के अनुसार
छात्राओें में दहशत थी और उनको वायरल फीवर निकला। जिसका उपचार किया गया।
सोमवार को दो छात्राओं के अभिभावक विद्यालय पहुंचे और वह अपनी बेटियों को
लेकर घर चले गए। उधर, वार्डन ने लगाए आरोप को गलत बताया।