जिले में चाइल्ड दिवस पर भ्रूण हत्या रोकने के लिए हर
तरफ से एक स्वर में सुनाई दिया। सभी ने भ्रूण हत्या को जघन्य अपराध मानते
हुए इस पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने की मांग की।
जीआईसी में सोमवार
को एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें लैंगिक भेदभाद एवं
अल्ट्रासोनोग्राफी के फायदे एवं नुकसान विषय में विचार व्यक्त किए गए।
विद्यालय के प्रधानाचार्य योगेंद्र कुमार ने गोष्ठी का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या को एक जघन्य अपराध और समाज के लिए
अभिशाप है।
इस पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगना चाहिए। टीचर अशोक चंद्रा ने
कन्या भ्रूण हत्या के सामाजिक कारणों एवं परिणामों पर प्रकाश डाला। राजीव
शुक्ल ने कविता के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाने की बात
कहीं। कहा कि ‘क्यों जन्म से पहले मारी जाती हैं बेटियां, इस दुनिया का
हिस्सा नहीं बन पाती हैं बेटियां, क्यों हर मोड़ पर बेटियों को देनी पड़ती
अग्नि परीक्षा’।
इस मौके पर वाद विवाद प्रतियोगिता में निर्णायक की
भूमिका सुधाकर बाजपेई, डा. अमरेंद्र सिंह और शशिवेंद्र ने निभाई।
प्रतियोगिता में कौशलेंद्र प्रताप सिंह व नैमिष कुमार वर्मा प्रथम, वेदपाल
द्वितीय और शोभित कुमार तृतीय स्थान पर रहे। इस मौके पर कार्यालयाध्यक्ष
प्रभाकर पांडेय, अजय शुक्ला, महेश अस्थाना, रजनीश आदि मौजूद
थे।
वेणी माधव बालिका कालेज में गर्ल्स चाइल्ड दिवस पर वाद विवाद
प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें लैंगिक भेदभाव व अल्ट्रासोनोग्राफी
के फायदे व नुकसान पर छात्राओं ने विचार व्यक्त किए, जिसमें सौम्या सिंह
प्रथम, सोनाली यादव द्वितीय और साक्षी सिंह तृतीय स्थान पर रहीं।