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जिले से यूथ आइकॅन के रूप में विशाल व आलोकिता नामित

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हरदोई। शासन की ओर से 23 वें राष्ट्रीय युवा उत्सव में यूथ आइकॉन के लिए मांगे गए नामों में जनपद से दो युवा होनहारों को चयनित कर डीएम ने मोहर लगा दी है। यूथ आइकॉन के रूप में शूटर विशाल सिंह व समाजसेवी आलोकिता श्रीवास्तव का नाम शासन को भेजा गया है।
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प्रमुख सचिव डिंपल वर्मा ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया था। 12 से 16 जनवरी के मध्य लखनऊ में 23 वां राष्ट्रीय युवा उत्सव होने जा रहा है। इसमें प्रदेश भर से उन युवाओं के नाम मांगे गए थे, जिन्होंने अपने हुनर से कठिन परिस्थितियों में न सिर्फ अपने लिए बल्कि अपने परिवार, जिला व देश के लिए ऐसा कुछ किया कि वह युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गए। जिले के ऐसे ही दो होनहारों के नाम जिला प्रशासन से मांगे गए थे। जिसमें जिलाधिकारी पुलकित खरे की ओर से शासन को दो नाम भेजे गए हैं। जिसमें शूटर विशाल सिंह व समाजसेवी आलोकिता श्रीवास्तव का नाम शामिल हैं। यह दोनों महोत्सव के दौरान यूथ आइकॉन के रूप में भी मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित होंगे। जिलाधिकारी पुलकित खरे ने इन नामों को शासन को भेज दिया है।
हुनर का दूसरा नाम बन गया नि:शक्त विशाल
हरदोई। बिलग्राम के ग्राम हसनापुर निवासी किसान सुशील कुमार के बेटे एक हाथ से नि:शक्त विशाल सिंह के हुनर ने उसे कभी नहीं टूटने दिया। जीव विज्ञान से स्नातक विशाल ने वर्ष 2014 में क्रास बो की बदौलत राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत जिले को स्वर्ण पदकों से लाद दिया तो पैरा एथलीट में प्रवेश कर राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में भी जिले को गौरव प्रदान किया। वर्ष 2014 से लेकर अब तक राज्य से राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने कई तमगे हासिल किए हैं। उनका कहना है कि अब तक क्रासबो से लेकर शूटिंग तक में 200 से ऊपर राज्य स्तरीय व नेशनल प्रतियोगिताएं जीत चुके हैं।
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राष्ट्रपति से सम्मानित हो चुकीं आलोकिता
हरदोई। समाजसेवी आलोक श्रीवास्तव की पुत्री आलोकिता 2004 में राज्य पुरस्कार प्राप्त गाइड हैं। 2005 में उन्होंने नेशनल जम्बूरी सहभागिता हरिद्वार में की। 2005 में हरदोई महोत्सव मेंबर टीम में रहीं। 2006 में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त गाइड बनी। 2007 में नेशनल जंबूरी सहभागिता कलकत्ता में की। 2013 में श्रेष्ठ महिला अवार्ड पा चुकीं हैं। 2015 में हरदोई मलाला एवार्ड मिला। अंतरध्वनि महिला अध्यक्ष भी रहीं। समाजसेवा में उनकी खासी रुचि है।
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