आरआर कालेज में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कई
प्रसंगों से कथा का रसपान कराते हुए कथा व्यास वैष्णवाचार्य गिरिधर गोपाल
ने लोगों से सदाचार एवं सद्भाव को अपनाने पर जोर दिया।
कहा कि हमारी
कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए, जिससे किसी को कष्ट न हो। कहा कि न तो किसी
को दुख देना चाहिए और न हीं दुख से भागना चाहिए। हमें संमार्ग पर चलकर
प्रभु में ध्यान लगाना चाहिए। हमारा आचरण संमार्ग पर चलने वाला होना चाहिए,
क्यो कि परहित सरिस धर्म नहीं भाई पर पीड़ा सम नहीं अधिकाई अर्थात हमें
हमेशा दूसरों के भले के लिए सोचना चाहिए।
इस दौरान उन्होंने भजन भी सुनाए।
संगीत की स्वर लहरियाें के साथ चले भजनों पर लोग खूब झूमें और राधे-राधे के
साथ जय हो के जयकारे गाए। लोग मंत्रमुग्ध होकर भक्तिभाव के समुंदर में देर
तक गोते लगाते रहे। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद थे।