हरदोई। जिले के एक छोटे से गांव में मधुमक्खी पालन कर शहद का उत्पादन कर रहे किसान के लिए मीठे विकास के रास्ते खुले तो कामयाबी की इबारत लिख दी।
दो दिन पहले जब इस किसान को साक-भाजी बागवानी कृषि प्रदर्शनी में प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सम्मानित किया तो उनका उत्साह आसमान छूने लगा है।
ट्राफी मिलने के बाद मीठे विकास से आगे बढ़ रहे किसान ओम प्रकाश मौर्य अब बड़े पैमाने पर मधुमक्खी पालन की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि जिले के किसानों को इस ओर तकनीकी मार्गदर्शन के साथ वह शहद के मार्केट उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे।
शहद उत्पादन बढ़ाने के साथ ही वह विदेशों तक हरदोई की मिठास को पहुंचाने की तैैयारी कर रहे हैं।
लखनऊ में चार से छह मार्च तक हुई कृषि शाक भाजी बागवानी आदि की प्रदेश स्तरीय प्रदर्शनी में जिले के पहाड़पुर गांव के मूल निवासी किसान ओम प्रकाश मौर्य को शहद की गुणवत्ता वर्ग में पहला स्थान मिला।
जिसके लिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उन्हें सम्मानित किया। मौर्य ने बताया कि 20 साल पहले उन्होंने पांच बाक्स से सफर शुरू किया था। अब उनके पास 500 बाक्स मधुमक्खी पालन के लिए हैं।
शहद का उत्पादन करीब सवा 100 क्विंटल हो जाता है। एक नाम से ब्रांड बनाकर खुद मार्केटिंग भी करने लगे हैं।
लखनऊ में रिटेल खोल लिया है। मधुमक्खी पालन कर शहद का उत्पादन एवं व्यापार करने वाले मौर्य ने बताया कि सामान्यतया मधुमक्खी पालक छत्ता पूरा होने के बाद शहद निकाल लेते हैं।
जल्दी शहद निकालने से वो पक नहीं पाता है। वह शहद के पकने का इंतजार करते हैं। पका हुआ शहद पूरी तरह से गुणवत्तापरक होता है।
जैविक खेती के लिए बढ़ा रहे कदम
ओम प्रकाश ने बताया कि उनके पास करीब 20 बीघा जमीन है। मधुमक्खी पालन के साथ अब वो वहां पर जैविक खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। उनकी ख्वाहिश है कि जैविक खेती में भी वह कुछ अलग स्थान बना सकें।
कहा कि सभी किसानों को परंपरागत खेती के अलावा कृषि विविधीकरण को अपनाना चाहिए। इसी से आय बढ़ सकेगी।