कछौना। ब्लॉक की ग्राम सभा गौसगंज में स्थित पशु चिकित्सालय का भवन पूरी तरह से खंडहर हो गया है। दीवारें दरक चुकी हैं। बरसात में पानी टपकता है। पशु चिकित्सालय के सभी भवन वाह्य रोगी, ऑफिस, स्टोर, फार्मासिस्ट आवास, चतुर्थ श्रेणी कक्ष पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं।
इससे इसके ढहने की आशंका रहती है। इस अस्पताल से ग्राम सभा बेहसार, हसनापुर, बघौड़ा, गौरीखालसा, गौरी फखरुद्दीन, कहली, निर्मलपुर, खाजोहना, गौसगंज आदि के पशुपालक निर्भर हैं।
भवन जर्जर होने से पशु चिकित्सा अधिकारी नियमित नहीं आते हैं। केवल फार्मासिस्ट व चतुर्थ श्रेणी की उपस्थिति रहती है, जिससे पशुपालक प्राइवेट अप्रशिक्षित डॉक्टरों की शरण में जाने को विवश हैं।
वहीं, समुचित इलाज के अभाव में पशुपालकों के पशुओं की असमय मृत्यु हो जाती है। इसकी बाउंड्री भी टूट चुकी है।
जागरूक नागरिकों व विभागीय अधिकारियों ने इस भवन के जीर्णोद्धार के लिए शासन-प्रशासन को दर्जनों बार पत्र लिखकर मांग की। जिला पशु चिकित्साधिकारी जीतेंद्र नाथ पांडेय का कहना है कि मामला संज्ञान में है। भवन के लिए विभागीय अफसरों को पत्राचार करेंगे।