रामपुर में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर वाल्मीकि बस्ती
उजाड़ने के मामले को लेकर पंचायती राज विभाग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी
सफाईकर्मी संघ के पदाधिकारियों में भी उबाल दिखा। पदाधिकारियों ने
कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को
सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन से पूर्व जिलाध्यक्ष अमित कुमार
ने कहा कि रामपुर जिले में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर तोपखाना रोड गेट के पास
वाल्मीकि बस्ती को प्रशासन द्वारा उजाड़ा जा रहा, जबकि वहां पर वाल्मीकि
समाज के लोग लगभग 60 वर्षो ंसे अपने आवासों में रहकर अपने परिवार को पाल
पोस रहे हैं।
उनको स्थायी रूप से निवास की मान्यता है और गृहकर एवं जलकर भी
दे रहे हैं। जिलाध्यक्ष ने कहा कि वाल्मीकि बस्ती को उजाड़ कर सांप्रदायिक
सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। बस्ती के उजाड़े जाने
से प्रशासन ने अपनी भेदभाव पूर्ण मानसिकता का परिचय देते हुए अपमानित करने
का कार्य किया है, जो संविधान की मूल भावना के विपरीत है।
इस प्रकार यह
एक राष्ट्रद्रोह का कार्य किया गया है। जिले के वाल्मीकि समाज के लोग
मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि बस्ती उजाड़ने में जिस किसी का भी हाथ हो
या जिनके द्वारा वाल्मीकियों को बाहर किया जा रहा है, उनके विरुद्ध
राष्ट्रद्रोह का मुकदमा तत्काल दर्ज कराया जाए तथा तत्काल उजाड़े गए घरों
को वहीं पर सरकार द्वारा अपने खर्चे से बनवाकर पुन: बसाया जाए।
इस दौरान
संघ पदाधिकारियों व सफाईकर्मियों ने सीएम को संबोधित ज्ञापन डीएम रमेश
मिश्र को सौंपा। इस मौके पर संरक्षक राजकुमार कपिल, सर्वेश कुमार, किशन
कुमार, अनुज कुमार, राजीव, विनीत और रघुवीर आदि मौजूद थे।