सपा के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद नरेश अग्रवाल ने
कहा कि वैश्य समाज खुद को कमजोर न समझे, वह उनके हक के लिए संसद में आवाज
उठाएंगेे। वैश्य समाज को पिछड़ी जाति में शामिल करवाकर समाज को सम्मान
दिलाने का वह प्रयास करेंगे।
वह मंगलवार को नवीन गल्ला मंडी में आयोजित
अखिल भारतीय सन्मानी वैश्य समाज के महासम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने
समाज को संगठित होने पर जोर दिया। इसके पूर्व महासम्मेलन का शुभारंभ नरेश
किया और कहा कि जो अपनी जाति की सेवा नहीं कर सकता, वह किसी भी जाति की
सेवा नहीं कर सकता और वैश्य समाज ने हर समाज की सेवा में अपना योगदान दिया,
पर समाज को उन्होंने कभी वर्गों में बंटते नहीं देखा।
इसलिए संगठित होकर
रहें तभी मजबूत होंगे। कहा कि समाज के किसी भी व्यक्ति को दबकर रहने की
जरूरत नहीं है। कहा कि वैश्य समाज को पिछड़ी जाति में शामिल करवाकर उन्हें
पूरा सम्मान दिलाने को संसद में मुद्दा उठाएंगे। सांसद ने कहा कि ऐसा कोई
दल नहीं जिसे व्यापारी समाज की जरूरत नहीं।
व्यापारी जब तक पार्टी में नहीं
है, तब तक पार्टी मजबूत नहीं बन सकती, फिर भी व्यापारी वर्ग को परेशान
किया जाता है। उन्होंने समाज द्वारा गर्ल्स हास्टल, वृद्धाश्रम बनाने
तथा सामूहिक विवाह कराने में मदद की बात कही। मंडी अध्यक्ष वेद प्रकाश
गुप्ता ने कहा कि समिति का कार्य उसे ही दिया जाएगा जो जिम्मेदारी ले
सकेगा।
टड़ियावां ब्लाक प्रमुख राज किशोर गुप्ता ने कहा कि समाज के लोगाें
को राजनीति में भी हाथ आजमाना चाहिए। मन्नीलाल शाह ने कहा कि वैश्य समाज ने
सम्मेलन कर अपनी उपस्थिति भी दर्ज करा दी है। भजन लाल सन्मानी ने कहा कि
मंच के माध्यम से स्वस्थ समाज का गठन होगा।
रूपरेखा तय की गई कि शिक्षा
व्यवस्था और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। इस संगठन में कोई व्यक्ति
मुखिया नहीं है। अध्यक्षता करते हुए त्रियुगी नाथ गुप्ता ने आभार जताया,
जबकि विपिन गुप्ता ने सम्मेलन का संचालन किया। उधर, सांसद नरेश अग्रवाल
को दिलीप गुप्ता, विपिन गुप्ता, रामआसरे गुप्ता समेत तमाम लोगों ने चांदी
का मुकुट पहनाया, जबकि सुधीर गुप्ता ने 51 किलो की माला पहनाकर स्वागत
किया।
इस मौके पर श्यामा कुमार गुप्ता टीटू, नगर पालिका पलिया चेयरमैन केबी
गुप्ता, सांडी चेयरमैन दिनेश गुप्ता, महेंद्र नाथ गुप्ता, डा. रामप्रताप
गुप्ता, रितेश गुप्ता महोलिया, बबलू गुप्ता, आशीष महेंद्र गुप्ता और राजेश
गुप्ता आदि मौजूद थे। इस मौके पर सांसद नरेश ने कहा कि जनसंख्या के सरकारी
गणना आई तो समाज के लोगों की संख्या को कम कर दिया गया।
कहा कि केंद्र
सरकार ने यह जानबूझकर किया, ताकि समाज के लोगों को कम आंका जाए, पर समाज के
लोग अपनी उपस्थिति का अंदाजा कराते हैं और कराते रहेंगे।