जिले में शिक्षामित्रों का विरोध प्रदर्शन उग्र्र
होता जा रहा है। मंगलवार को अधिकांश स्कूलों और बीआसी केंद्रों पर तालाबंदी
कर विरोध प्रदर्शन किया गया। शहर के गांधी भवन मैदान में शिक्षामित्रों ने
बैठक कर न्याय न मिलने तक विरोध जारी रखने का ऐलान किया।
इस दौरान 4100
शिक्षामित्रों की ओर से राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन भेजा गया, जिसमें
कहा कि सभी समायोजित शिक्षामित्रों के पास अब कोई रास्ता न होने से अपने व
अपने परिवार के लिए इच्छा मृत्यु की अनुमति उन्हें दी जाए। शिक्षामित्र
बैठक के बाद जेल रोड पर पहुंचे और मुख्य मार्ग पर धरना देकर बैठ गए, जिससे
सड़क के दोनों ओर करीब आधे घंटे आवागमन बाधित रहा।
मौजूद पुलिस अफसरों ने
उन्हें समझा बुझाकर जाम खुलवाया। ज्ञात हो कि जिले में शिक्षामित्रों के
विरोध प्रदर्शन का दंश खंड शिक्षा अधिकारियों को भी झेलना पड़ा रहा है।
शिक्षामित्रों ने ब्लाक संसाधन केंद्र और खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय
कछौना, शाहाबाद, पिहानी समेत ज्यादातर बीआरसी पर तालाबंदी कर दी।
इस कारण
खंड शिक्षा अधिकारियों को भी कार्यालय से वापस लौटना पड़ा। इससे विभागीय
कार्य भी प्रभावित हुए। उधर, शिक्षामित्र कार्य बहिष्कार के बाद गांधी भवन
परिसर में एकत्रित हुए और शिक्षामित्रों के बाबत हाईकोर्ट के निर्णय में
प्रदेश सरकार की ओर से पक्ष रखने में खामियों को गिनाया।
उन्होंने कहा
कि प्रदेश सरकार उनके संबंध में गंभीर नहीं रही। इस कारण उनको उनका लाभ
नहीं मिल सका। प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में गंभीरता से सभी बिंदुओं पर
पक्ष रखें और ताकि उन लोगों को राहत मिल सके। इस मौके पर कुछ ने केंद्र
सरकार पर भी उनकी हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
इस मौके पर प्राथमिक
शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शिवशंकर पांडेय ने कहा कि शिक्षामित्र उनके
परिवार का हिस्सा है। शिक्षक संघ उनके हर संघर्ष में साथ रहेगा। गांधी भवन
में बैठक करने के बाद शिक्षामित्र जुलूस के रूप मे बीएसए कार्यालय होते हुए
कलक्ट्रेट से पुलिस क्लब के पास पहुंचे और वहां पर सड़क पर बैठ गए।
वहां
पर काफी देर तक बैठे रहने के बाद उनका किसी प्रकार समझा बुझा कर उठाया गया। इसके
बाद सभी शिक्षामित्र जेल रोड पर पहुंचे और मुख्य मार्ग पर बैठ गए। इससे
रेलवे स्टेशन व अस्पताल रोड पर जाम हो गया। वहां पर बैठ कर शिक्षामित्रों
ने आंदोलन के दौरान अन्य जिलों में दिवंगत हुए शिक्षामित्रों को दो मिनट
मौन रहकर श्रद्धांजलि दी।
उधर, शिक्षा मित्रों की ओर से पुलिस प्रशासन को
रेल रोकने की जानकारी मिली थी। जिस पर मंगलवार को गांधी भवन से लेकर रेलवे
स्टेशन तक भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। गांधी भवन के दोनों गेट पर
एक एक एसओ तैनात रहे। इसके अलावा गांधी भवन परिसर में सीओ हरियावां
जितेंद्र गिरी प्रदर्शन के दौरान मौजूद थे। इसके अलावा शहर के अन्य चौराहों
पर भी पुलिस बल तैनात किया गया था।