गुरुवार की देर रात से सुबह तक हुई बारिश के बाद किसानों के चेहरे खिल गए हैं। वहीं जिले के कस्बों में जलभराव के बाद व्यवस्थाएं डूबती नजर आईं। सरकारी विभागों के कार्यालयों में जलभराव से कामकाज पटरी से उतरता दिखा। गलियों व सड़कों पर जलभराव से लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी।
शहर के कुछ यूं रहे हालात
कलेक्ट्रेट परिसर में भरा पानी
हरदोई। कलेक्ट्रेट परिसर में भी जलभराव हुआ। जिलाधिकारी समेत आला अधिकारियों के कार्यालयों के परिसर में दोपहर तक जलभराव रहा। इससे दूर दराज से आने वाले जरूरतमंदों को परेशानियों से दो चार होना पड़ा।
फोटो परिचय- 5- विकास भवन में भरा पानी।
विकास भवन भी पानी- पानी
हरदोई। जिले भर के विकास की बागडोर अपने हाथों में रखने वाले विकास भवन में भी जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं दिखी। यहां भी जलभराव रहा। इससे यहां आने जाने वालों को दिक्कत उठानी पड़ी।
फोटो परिचय- 7- सीएमओ आवास में भरा पानी।
सीएमओ साहब निकलेंगे कैसे
हरदोई। कोयल बाग कालोनी में अधिकारियों के आवास हैं। यहां भी जलभराव रहा। सीएमओ कार्यालय सहित कई बड़े अधिकारियों के आवासों के आसपास पानी भरा रहा।
फोटो परिचय- 8- जलमग्न नगर पालिका कार्यालय की सड़क।
कैसे पहुंचें नगर पालिका
हरदोई। मानसून से पहले नगर पालिका ने नालों की सफाई कराई थी। इसके बाद भी जलभराव से निजात नहीं मिली। नगर पालिका कार्यालय के बाहर का मार्ग भी जलभराव से नहीं बच सका।
फोटो परिचय-11- रामदत्त चौराहे से बावन चुंगी रोड पर भरा पानी।
शहर के सभी चौराहों पर जलभराव
हरदोई। बारिश में शहर के लगभग सभी चौराहों पर जलभराव की समस्या रही। नुमाइश चौराहे, सिनेमा रोड, आदि मार्गों की स्थिति बदतर दिखी।
जलभराव से जूझे अधिवक्ता
हरदोई। कचहरी में पंजाब नेशनल बैंक की ओर जाने वाले रास्ते के पास बने बरामदे में बरसात का पानी भर गया। इसी बरामदे के पास से नाला गुजरता है। वकीलों का कहना है कि नाला साफ न होने से जरा सी बरसात में जलभराव की स्थिति बन जाती है। अधिवक्ता इंद्रपाल सिंह, संजीव, जगन्नाथ राजवंशी, सतीश पांडे आदि ने बताया कि जिला प्रशासन से इस बारे में कई बार शिकायत की जा चुकी है। समस्या का समाधान नहीं हुआ।
... और यह रहा कस्बों का हाल
आठ घंटे गायब रही बिजली
पिहानी। रात में तेज बारिश के बाद किसानों ने धान की पौध लगाने का कार्य तेज कर दिया। झमाझम बरसात से मौसम भी सुहाना हो गया। बरसात के कारण बिजली आपूर्ति अस्त व्यस्त रही। अल्पसंख्यक बहुल इस्लामगंज मेें जंफर जलने जैसे मामूली फाल्ट से कई घरों में आठ घंटे तक बिजली नहीं आई। जेई के हस्तक्षेप के बाद जंफर जोड़ा गया।
संडीला में भी खूब बरसा पानी
संडीला। संडीला इलाके में भी खूब बारिश हुई। बारिश ने धरती की प्यास तो बुझाई ही सड़कों व गलियों को भी जलमग्न कर दिया। लखनऊ हरदोई रोड पर दुर्गा मंदिर के पास,नगर पालिका, पुरानी बैंक आफ इंडिया के पास जलभराव की विकट समस्या देखने को मिली।
कटियारी क्षेत्र में भी बरसे बदरा
हरपालपुर। एक हफ्ते से जिले के अन्य क्षेत्रों में तो बरसात हुई लेकिन कटियारी क्षेत्र में खरीफ की बुवाई लायक बारिश नहीं हुई थी। इधर बारिश से कस्बे में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। नालियों की सफाई न होने से बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया। उधर, कल बड़ी लग्न होने से शादी विवाह में बारातियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मल्लावां में फिर भी इंद्रदेव नाराज
मल्लावां। तीन-चार दिनों से छुटपुट बारिश हो रही है। इससे किसानों ने मक्के की फसल तो बो ली लेकिन धान की पौध की रोपाई नहीं हो पा रही थी। गुरुवार को जिले के कई क्षेत्राें में हुई अच्छी बारिश के बाद भी मल्लावां में बूंदाबांदी ही हुई। इससे किसान परेशान नजर आए। किसान त्रिलोकी सिंह, अजित, शिवकुमार, सुनील आदि ने बताया कि तेज बारिश न होने से धान पौध की रोपाई नहीं हो पा रही है। किसानों का कहना है कि धान की पौध तैयार हो चुकी है। यह समय पौध की रोपाई का है। तेज बारिश नहीं हुई तो पंपसेट का सहारा लेकर खेतों में पानी भरना होगा ।
टोडरपुर में शुरू हुई धान की रोपाई
टोडरपुर। रात की झमाझम बारिश से किसानों की मन की मुराद पूरी हो गई। किसानों ने मुश्किलों में धान की बेड़ तैयार कर ली थी। यह बेड़ की रोपाई के लिए कई दिनों से आकाश की ओर निहार रहे थे। रात में हुई बारिश ने पूरे क्षेत्र के खेतों के साथ- साथ ताल तलैया और गलियारे पानी से सराबोर कर दिए। किसानों ने भी बिना समय गंवाए सुबह से ही धान रोपना शुरू कर दिया।