हरदोई। बारिश व धूप के बीच लोग तेजी से बीमार पड़ रहे हैं। बुखार के अधिकतर मरीजों में टाइफाइड और मलेरिया के लक्षण मिल रहे हैं। जिम्मेदारों की तमाम कोशिशों के बावजूद मच्छरों से बचाव नहीं हो रहा है। ऐसे में अब लोगों पर डेंगू का भी खतरा मंडरा रहा है। ओपीडी में बुखार से पीड़ित तमाम मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। ऐसे में सेंट्रल लैब में भी प्रतिदिन तीन सैकड़ा से अधिक बुखार पीड़ितों की रक्त नमूने की जांच हो रही है।
स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में रोजाना 1800 से दो हजार के करीब मरीज आते हैं। इनमें जनरल मेडिसिन में रोजाना चार सैकड़ा से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकतर वायरल बुखार से पीड़ित मरीज हो रहे हैं। चिकित्सीय परामर्श में टाइफाइड व मलेरिया के लक्षण दिखने पर रक्त नमूनों की जांच कराई जा रही है। जांच में अधिकतर मरीजों में टाइफाइड व मलेरिया बुखार की पुष्टि भी हो रही है। मेडिकल कॉलेज की सेंट्रल लैब में अभी तक रोजाना 350 के करीब जांचे होती थीं लेकिन इन दिनों जांच का आंकड़ा 500-600 के बीच हो रहा है। रक्त नमूनों की जांच में मलेरिया व टाइफाइड के लक्षण वाले करीब 300 के ऊपर मरीजों के रक्त नमूने जांचें जा रहे हैं।
इनमें से रोजाना आठ से 10 मरीज मलेरिया के और 20 से 25 मरीज टाइफाइड के मिल रहे हैं। चिकित्सक इनको दवा के साथ बचाव के उपाय सुझा रहे हैं। जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष चंद्र विद्यार्थी ने बताया कि टाइफाइड बुखार के केस आ रहे हैं। यह बुखार जल्द पकड़ में नहीं आता है बार-बार अपना तरीका बदलता है। ऐसे में मच्छरों से बचाव जरूरी है।
संचारी रोग नियंत्रण अभियान साबित हो रहा नाकाफी
शहर से लेकर गांवों तक मच्छरों की बढ़ती तादाद यह बता रही है कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान नाकाफी साबित हुआ है। मलेरिया विभाग ने अन्य विभागों से समन्वय स्थापित कर संचारी रोग के नियंत्रण के लिए छिड़काव कराने और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए शहर में नगर पालिका और गांव में पंचायती राज विभाग को यह काम करने हैं। दोनों ही विभाग अपनी जिम्मेदारियों काे बखूबी नहीं निभा रहे हैं। शहर में छिड़काव और फॉगिंग कहीं दिख नहीं रही है। गांवों में भी ऐसा ही हाल है।
सीएमओ डॉ. अरविंद सचान ने बताया कि बुखार वाले मरीजों की जांच स्थानीय सीएचसी पर भी हो रही है दवाओं की उपलब्धता है। फॉगिंग कर मच्छरों के प्रकोप को कम करने की जिम्मेदारी शहर में नगर पालिका और गांव में पंचायतीराज विभाग की है। समन्वय बनाकर काम कराया जाएगा।