हरदोई। कार्यदायी संस्था की सुस्ती से दो पशु चिकित्सालयों के भवनों का काम पूरा नहीं हो पाया है। निराश्रित मवेशियों को संरक्षित किए जाने के काम सहित क्षेत्रीय पशुपालकों को भी विभागीय चिकित्सीय सेवाएं व सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।
निराश्रित मवेशियों को संरक्षित कराए जाने के साथ ही पशुपालकों के पशुओं की चिकित्सा आदि की जिम्मेदारी देख रहे पशुपालन विभाग की ओर से दो पशु चिकित्सालयों का निर्माण कराया जा रहा है। शासन की ओर से विकास खंड अहिरोरी और विकास खंड भरखनी मुख्यालय पर पशु चिकित्सालय के नवीन भवनों के निर्माण की स्वीकृति वर्ष 2023 में दी गई थी। एक चिकित्सालय भवन निर्माण के लिए 69,00,000 रुपये की स्वीकृति दी गई है। भवन निर्माण की जिम्मेदारी यूपीपीसीएल को सौंपी गई है। यूपीपीसीएल की ओर से वर्ष 2023 में निविदा प्रक्रिया के समय मई 2024 तक भवन निर्माण पूरा कराए जाने का अनुबंध किया गया है।
कार्यदायी संस्था की ओर से किए जा रहे कामों में अहिरोरी और भरखनी के पशु चिकित्सालय भवन अभी तक पूरे नहीं बन पाए हैं। अहिरोरी में करीब 65 और भरखनी में करीब 40 प्रतिशत ही काम हो पाया है। सीवीओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि दोनों ही पशु चिकित्सालयों के भवनों को जल्द पूरा कराने के लिए यूपीपीसीएल के प्रोजेक्ट मैनेजर से कहा गया है। बताया कि जिलाधिकारी की ओर से भी दोनों कामों को पूरा न कराए जाने पर नाराजगी जाहिर की गई है। अगस्त में होने वाली समीक्षा में कम प्रगति पर विभागीय उच्चधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।
हरदोई। पशुधन को बरसात के महीनों में होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए विशेष चिकित्सा अभियान शुरु किया गया है।
बाढ़ प्रभावित तहसीलों के प्रत्येक गांव में स्वास्थ्य परीक्षण और चिकित्सा शिविर लगवाए जाएंगे। इसमें पशुओं के कीड़े मारने वाली दवा के साथ ही अन्य बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण भी किया जाएगा। अभियान में मोबाइल वेटरनरी वैन भी गांवों का भ्रमण कर पशुपालकों को जरुरत पर सेवाएं उपलब्ध कराएगी।
बरसात के महीनों में पशुओं में पेट के कीड़े, मुंह और खुरपका जैसी बीमारियां तेजी से पनपती हैं। इन बीमारियों से बचाव के लिए पुशपालन विभाग की ओर से चिकित्सालयों पर सुविधा-सहूलियत के साथ ही पशुपालकों को गांवों में ही चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके सिंह ने बताया कि सभी गांवों के साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को अतिसंवेदनशील मानते अभियान दिया गया है।
अभियान में तहसील सवायजपुर, बिलग्राम, शाहाबाद के बाढ़ प्रभावित सभी गांवों में पशुपालन विभाग की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे। बताया कि सभी उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी को गांवों में शिविर आयोजन की जिम्मेदारी दी गई है। शिविर में पशुओं को कीड़ा मारने की दवा के साथ ही मुंहपका और खुरपका बीमारियों से बचाव के टीके भी लगाए जाएंगे। इसकी फोटो के साथ रिपोर्ट भी मांगी गई है।