बघौली। थाना क्षेत्र के दौलतपुर गढ़ौली निवासी दो सगी बहनों की सोमवार रात रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। दोनों रेलवे लाइन की दूसरी तरफ खेत में गेहूं की फसल काट रहे बाबा को खाना देकर लौट रही थी। काफी देर दोनों के घर नहीं पहुंचने पर परिजन तलाश करते घटना स्थल पर पहुंचे। मंगलवार को सूचना पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ के बाद शवाें का पोस्टमार्टम कराया।
बघौली थाना क्षेत्र के दौलतपुर गढौली निवासी गिरिजा शंकर के चार बेटियां व तीन बेटे हैं। सबसे बड़ी बेटी अनुराधा की पिछले साल शादी की थी। उससे छोटी पूजा (17) एसडी पब्लिक स्कूल बेहटा में इंटर और सरिता (14) महर्षि ज्ञान विद्यालय लालपालपुर में कक्षा 8 की छात्रा थी। उससे छोटा शीलू (13), विशाल (9), बेटी कामिनी (7) और मानू (5) हैं।
दौलतपुर गांव के पास से ही रेलवे लाइन निकली है। उसका 15 बीघे खेत रेलवे लाइन के दूसरी तरफ है। सोमवार को घर में जरूरी काम होने के कारण गिरजा शंकर खेत पर नहीं गया था। उसका पिता पुत्तूलाल शाम को गेहूं की फसल काटने गया था। रात करीब 8 बजे पूजा और सरिता बाबा पुत्तूलाल को खाना देने की बात कहकर खेत पर गई थीं।
रात करीब 9 बजे तक दोनों घर नहीं आई तो परिजनों को फिक्र हुई। इस पर बड़ी बेटी अनुराधा व घर के सदस्य टार्च लेकरदोनों को तलाश करने खेत पर गए। पुत्तूलाल ने बताया कि खाना देने के बाद करीब आधा घंटा पहले दोनों चली गई थी। इस पर अनुराधा दूसरे रास्ते से घर की तरफ आई, तो अप लाइन पर दोनों के क्षतविक्षत शव मिले। हादसे की सूचना पर शंकरलाल व ग्रामीण पहुंचे। सुबह करीब चार बजे शंकर लाल ने पुलिस को सूचना दी। मंगलवार करीब 7 बजे एसओ राकेश सिंह पहुंचे। परिजनों से पूछताछ की।
थाना क्षेत्र के दौलतपुर गढ़ौली निवासी शंकर लाल का रेलवे लाइन के दूसरी तरफ 15 बीघा जमीन का टुकडा है। जिसमें गेहूं की फसल बोई है। पिछले चार दिन से शंकर लाल और उसके पिता पुत्तूलाल फसल काट रहे थे। सोमवार को शंकर लाल के सबसे छोटे बेटे मानू (5) का मुंडन संस्कार था। इसके चलते शंकर लाल सुबह से ही बाजार सामान आदि की खरीदारी में व्यस्त था।
मुंडन में रिश्तेदार भी आए थे। शाम को दावत थी। पिता पुत्तनलाल शाम को खेत पर चले गए थे। इसके चलते रात आठ बजे पूजा (17) और सरिता (14) बाबा को खाना देने गई थी। जहां से घर आते समय रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से दोनाें की मौत हो गई।