हरदोई/माधौगंज। डेंगू से पीड़ित माधौगंज की महिला की सोमवार को लखनऊ पीजीआई में मौत हो गई। महिला करीब तीन दिन पहले बुखार की चपेट में आई थी। वहीं लमकन निवासी बाबूराम राजपूत की पुत्री संगीता(16) की भी मौत हो गई। इसके अलावा अलग-अलग क्षेत्रों में डेंगू के चार नए मरीज मिले हैं। सभी का लखनऊ के निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
माधौगंज के मोहल्ला किदवई नगर के बलवीर सिंह की पत्नी नलिनी सिंह करीब चार दिन पहले बुखार की चपेट में आ गई थी। बलवीर का बेटा कानपुर में पैथोलॉजिस्ट है। उसने मां नलिनी के ब्लड की जांच अपनी पैथोलॉजी में कराई।
डेंगू की पुष्टि होने पर बलवीर ने पत्नी को पीजीआई लखनऊ में भर्ती कराया था। सोमवार को नलिनी की मौत हो गई। शाम को शव कसबे पहुंचा। डेंगू से मौत की खबर से कसबे में दहशत फैल गई है। कसबे के करीबी गांव क्यूटी ख्वाजीपुर निवासी निवासी जिला पंचायत सदस्य पंकज कुमार व अखिलेश कुमार को भी डेंगू की पुष्टि हुई है। दोनों का इलाज लखनऊ के निजी अस्पताल में चल रहा है। गांव देखवापुर निवासी मुकेश भी बुखार से गंभीर रूप से बीमार हैं।
सांडी के मोहल्ला सरामुल्लागांज की मनीषा (40) को भी डेंगू की पुष्टि हुई है। मनीषा का इलाज लखनऊ के निजी अस्पताल में चल रहा है। मनीषा के परिवार के अन्य लोग भी बुखार की चपेट में हैं। शाहाबाद ब्लाक के नयागांव रामपुर हृदय निवासी रामभरोसे की पुत्री नेहा (15) दो दिन पहले बुखार की चपेट में आ गई थी।
रामभरोसे ने बेटी को कसबे के एक निजी अस्पताल में दिखाया। डॉक्टर ने नेहा के रक्त का नमूना बरेली के एक अस्पताल की पैथोलॉजी में जांच के लिए भेजा। जांच में नेहा को डेंगू निकला। परिजन सोमवार को उसे जिला अस्तपाल लाए। इमरजेंसी में मौजूद डॉ. राधेश्याम स्वामी ने नेहा की रिपोर्ट देखी और हालत गंभीर बताकर उसे लखनऊ रेफर कर दिया।
हरपालपुर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के लमकन निवासी बाबूराम राजपूत की पुत्री संगीता(16) बुखार की चपेट में आ गई थी। फर्रुखाबाद के एक निजी अस्पताल में जांच में उसे डेंगू की पुष्टि हुई। इलाज के दौरान संगीता की मौत हो गई।
कसबे की सीएचसी में तैनात स्टाफ नर्स इन्दू सिंह के पति सौरभ सिंह को भी डेंगू की पुष्टि हुई है। उधर, मुख्य विकास अधिकारी राधेश्याम गुप्ता भी बुखार से पीड़ित हैं। उन्होंने सोमवार को जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में जांच कराई तोे वायरल फीवर निकला।