24 घंटे बाद ही पर झमाझम बारिश का इंतजार जब
शहरवासियों का शनिवार की दोपहर खत्म हुआ तो लोग घरों और दुकानों में दुबके
नहीं, बल्कि इस बारिश का भरपूर मजा लिया। बड़े बूढ़े तो छोड़िए स्कूली
बच्चों तक ने भीग कर इस वक्त की जरूरत बारिश का भरपूर अभिनंदन किया।
कुल
मिलाकर मस्ती में चूर हर मन की यही दिखी ख्वाहिश की यूं ही खूब होती रही
बारिश। पिछले कई दिनों से झमाझम बारिश की राह ताक रहे लोगों को शनिवार
की दोपहर आए बादलों ने निराश नहीं किया। काले बादलों को घिरता देख लोग
पहले से ही कयास लगाने लगे थे कि आज यह निराश नहीं करेंगे और दोपहर बाद कुछ
ही देर बाद ऐसा हुआ भी।
काले बादलों ने जब बरसना शुरू किया, तो जैसे मानो
सभी को अपने मन की मुराद सी मिल गई थी। सड़कों पर गुजरने वाले जहां भीग कर
ही अपने गंतव्य तक जाते दिखे, वहीं छात्र-छात्राओं ने भी बारिश से बचने का
प्रयास नहीं किया और भीग कर ही अपने घरों को पहुंचे। कुछ ऐसा ही स्कूली
बच्चों को भी सड़कों पर छुट्टी के वक्त रिक्शों में धूमधड़ाका करते देखा
गया।
इन बच्चों ने भी बारिश में भीग कर खूब मस्ती की। कुल मिलाकर हुई बारिश
ने लोगों को खूब राहत दी। पारा भी इस बारिश से चार डिग्री लुढ़क कर
नीचे आ गया। बारिश के बाद पारा 30 डिग्री रिकार्ड किया गया, जो शुक्रवार को
34 डिग्री रिकार्ड किया गया था। इधर, शहर की कुछ सड़कें इस कुछ देर की
बारिश को भी बर्दाश्त नहीं कर पाए।
जिसके बाद पहले गली भरी और उसके बाद शहर
के मुख्य मार्ग पानी में डूबते दिखे। नुमाइश चौराहे पर भी जलभराव के कारण
फुटपाथ और चौराहे एक जैसे ही हो गए। फुटपाथ पर लगी दुकानें जहां तालाब में
लगी दिख रही थी, वहीं उनके पास तक जाने के लिए इक्का दुक्का ग्राहकों को
काफी जतन करने पड़ रहे थे।
इधर, महाराज सिंह पार्क के पास भी कुछ इसी तरह
का जलभराव दिखाई दिया। उधर, शनिवार को दोपहर के वक्त कुछ इस तरह काले
बादल उमड़ घुमड़ कर तेज हवाओं के साथ आए कि सड़कों पर गुजरने वाले वाहनों
को आगे जाने के लिए हेड लाइटें तक जलानी पड़ गईं। तेज रफ्तार बारिश होने के
बाद भी इन वाहन सवारों को काफी दिक्कतों का सामना वाहनों को चलाने के वक्त
करना पड़ा।
उधर, शनिवार को बारिश होने का वक्त स्कूलों की छुट्टी के समय
का ही रहा, जिससे स्कूली बसों का कई चौराहों पर आना और वहां अन्य वाहनों का
फंसे रहने के कारण बारिश के दौरान भी जाम की स्थिति देखने को मिली। इस दिन
भी आने जाने वाले लोगों ने स्कूलों में लगी लंबी बसों को जमकर कोसा।