स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित रामदयाल त्रिवेदी की
पुण्यतिथि पर सोमवार को जिला अस्पताल परिसर में हुई गोष्ठी में उनके
व्यक्तित्व व कृतित्व पर वक्ताओं ने प्रकाश डाला।
इस दौरान सीएमओ डा.
वीके गुप्ता ने त्रिवेदी के जीवन से जुड़े प्रसंग सुनाए। वक्ताओं ने कहा कि
पंडित राम दयाल त्रिवेदी ने आजादी की लड़ाई के लिए जिले से योगदान किया।
आजादी मिलने के बाद उन्हें एमएलसी के लिए टिकट दिया गया, पर उन्होंने टिकट
अपने शिष्य को दे दिया।
आयुर्वेद के ज्ञाता होने के नाते वे वैद्य के रूप
में भी प्रसिद्ध रहे। उनका देहावसान 1 जून 1981 को हो गया था। इसके बाद
जिला अस्पताल का नाम भी उन्हीं के नाम पर किया गया।
इसके पूर्व सेनानी के
चित्र पर सीएमएस डा. आरके मिश्रा, नारायन त्रिवेदी, रजनीकांत त्रिवेदी,
कुंज बिहारी, अश्वनी त्रिवेदी, आदित्य त्रिवेदी, उमाकांत त्रिवेदी, सत्य
प्रकाश, आनंद प्रकाश, शशिकांत, सत्यम, सु़धीर, संदीप त्रिवेदी उर्फ सोनू
आदि ने माल्यार्पण किया। गोष्ठी के बाद अस्पताल में मरीजों को फल बांटे गए।