क्षेत्र में स्थित सुभाष चंद्र बोस पीजी कालेज कहली
में सरला सिंह लाल सिंह ग्रीष्मकालीन प्रांतीय ओलंपिक का शुभारंभ पद्मश्री
पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा ने करते हुए कहा कि कड़ी धूूप में तपने के बाद
खिलाड़ी निखरता है।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को कभी निराश नहीं होना
चाहिए और उन्हें लक्ष्य निर्धारित करके उसके लिए कड़ी मेहनत कर सफलता
प्राप्त करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को ग्रीष्मकालीन ओलंपिक से
एक सुनहरा अवसर मिला है, जिससे उनकी प्रतिमा निखर कर आएगी।
क्रीड़ा भारती
के अध्यक्ष अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 1992 से क्रीड़ा भारती की
शुरुआत खेल भावना जागरूक करने के लिए महाराष्ट्र से हुई, जिसका विस्तार
होते हुए आज पूरे देश में क्रीड़ा भारती के तहत खेलों का आयोजन किया जाता
है, जिसमें खिलाड़ियों को पूरा सम्मान किया जाता और उनकी प्रतिभा को
निखारने का भी काम क्रीड़ा भारती करती है।
उधर, रविवार को पहले दिन
बालकों की 100 मीटर की दौड़ में चंद्र शोभित वर्मा, विशाल कुमार, धर्मेंद्र
सिंह, बालिकाओं की 100 मीटर दौड़ में रोशनी कश्यप, बीना देवी, स्मिता देवी
क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहे। क्रिकेट प्रतियोगिता में
मलिहाबाद तथा पीवीआर गौसगंज के मध्य 12-12 ओवरों का मैच खेला गया, जिसमें
टास मलिहाबाद ने जीतकर पहले गौसगंज को खेलने का मौका दिया।
गौसगंज ने
बैटिंग करते हुए 6 विकेट खोकर 146 रन बनाए, जिसमें सूरज ने सर्वाधिक 32 रन
बनाए। जवाब में मलिहाबाद की टीम 9 विकेट खोकर मात्र 108 रन ही बना सकी।
सूरज कुमार को मैन आफ द मैच चुना गया। इस मौके पर क्रीड़ा भारती अवध प्रांत
के मंत्री अनुज तिवारी, कोषाध्यक्ष गोविंद पांडेय, जिला क्रीड़ा भारती
अशोक वर्मा, जिला पंचायत सदस्य अनुपम समेत स्कूल स्टाफ मौजूद रहा।