बिजली विभाग की लापरवाही ने एक हंसते खेलते बचपन की
बलि ले ली। शहर से सटे कांशीराम कालोनी निवासी एक बारह वर्षीय बालक ने पूरे
सात दिनों तक जिंदगी और मौत से लड़ाई लड़ी और आखिरकार हार गया।
बीते
शुक्रवार को टूटी पड़ी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से गंभीर रूप से
झुलसे बालक को उपचार के लिए लखनऊ रेफर कर दिया गया था। जिसके मौत की खबर
शुक्रवार सुबह आते ही घर में कोहराम मच गया। कांशीराम कालोनी निवासी संजू
यादव का 12 वर्षीय पुत्र आशीष कालोनी के निकट ही बिटोली देवी पब्लिक स्कूल
में कक्षा पांच का छात्र था।
बताया गया कि बीते शुक्रवार को वह सुबह शौच के
लिए खेतों में गया था। निकट की मन्नापुरवा उपकेंद्र होने की वजह से खेतों
की ऊपर से हाईटेंशन लाइनें निकली हुई है। उनमें से ही कोई हाईटेंशन लाइन
टूट कर गिर पड़ी। हाईटेंशन लाइन में करंट आ रहा था और आशीष जैसे ही खेत
में पहुंचा चपेट में आ गया।
हाईटेंशन लाइन के करंट से वह गंभीर रूप से
झुलस गया। परिजन उसे आनन फानन में जिला अस्पताल लेकर आए, जहां उसकी गंभीर
हालत को देख लखनऊ रेफर कर दिया गया। नन्हा आशीष पूरे एक सप्ताह तक लखनऊ में
अपनी जिंदगी और मौत से जूझता रहा और आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया।
शुक्रवार की सुबह उसकी मौत की खबर कांशीराम कालोनी में रहने वाले अन्य
परिजनों को दी गई। खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। आशीष की मौत की
खबर पाकर आसपास के लोग भी अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए।