फोटो-24- महिला चिकित्सालय में वार्ड प्रसूता के पास लगा घर से लाया गया पंखा। संवाद
हरदोई। यूं तो मेडिकल कॉलेज स्वशासी है लेकिन सामान्य भाषा में समझें तो सरकारी मेडिकल कॉलेज है। इसी मेडिकल कॉलेज से महिला अस्पताल भी संबद्ध है। परिसर स्थित महिला अस्पताल के वार्डाें में इलाज तो सरकारी है लेकिन हवा और सुकून प्राइवेट है।
पढ़ने और सुनने में अटपटा लग सकता है लेकिन हकीकत यही है। महिला अस्पताल में नवजात के साथ भर्ती प्रसूताओं काे राहत देने के लिए तीमारदार पंखे घर से लाते हैं। यहां लगा एसी खराब है और कूलर तो खैर है ही नहीं। भीषण उमस भरी गर्मी और अस्पताल के वार्डाें में भर्ती मरीज के साथ तीमारदारों की भीड़, अस्पताल में घुसते ही नजर आ जाती है। महिला अस्पताल के वार्डाें में गर्मी से निपटने के कोई इंतजाम नहीं हैं। कुछ वार्डाें में एसी लगे हैं लेकिन बंद हैं।
केस-1- राही खेड़ा निवासी चांदनी महिला अस्पताल में नवजात के साथ भर्ती हैं। परिजन बताते हैं कि अस्पताल में सभी सुविधाएं होने का दावा किया गया था लेकिन यहां अपना पंखा खुद ही लाना पड़ा ताकि राहत मिल जाए।
केस-2- हरपालपुर की मुस्कान भी प्रसव के बाद नवजात के साथ महिला अस्पताल में भर्ती हैं। उनके तीमारदार बताते हैं कि वार्ड में एसी लगा है। एसी चलता नहीं है। उमस भरी गर्मी में नवजात भी परेशान होते हैं इसलिए घर से पंखा लेकर आए हैं।
वार्डाें में एसी को दुरुस्त कराने और लगाने की जिम्मेदारी मेडिकल कॉलेज प्रशासन की है। उन्होंने इसके बारे में अवगत करा दिया है। प्रशासन की तरफ से जल्द ही बेहतर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. सुबोध कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
एसी खराब होने की जानकारी है। संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। एक दो दिन में एसी चालू हो जाएंगे। -डॉ. जेबी गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
फोटो-24- महिला चिकित्सालय में वार्ड प्रसूता के पास लगा घर से लाया गया पंखा। संवाद