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देशद्रोह में वांछित था पकड़ा गया संदिग्ध

Sun, 07 Feb 2016 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
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संडीला कोतवाली क्षेत्र से एनआईए और यूपीएटीएस टीम ने जिस युवक को शुक्रवार को दबोचा था वह दिल्ली एनआईए विशेष न्यायालय से देशद्रोह के मामले में वांछित है। टीम उसे दिल्ली न्यायालय में पेश करने के लिए साथ ले गई है। इस घटना के बाद जिले की सभी खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई और जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। इस घटना से जिले में सनसनी है।
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मालूम हो कि संडीला कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम कताई मिल के पास से एनआईए टीम के एएसपी सुतांशु सिंह और यूपी की एटीएस टीम ने छापेमारी कर कार में सवार युवक को धर दबोचा था। इसमें एक मूलरूप से रामपुर जिले के विलासपुर थाना क्षेत्र के ग्राम हरिता निवासी मुफ्ती अब्दुल समी काजमी उर्फ समीद्उल्ला गुलाम था, जो फिलहाल कुछ समय से दिल्ली के वेलकम सलेमपुर इलाके में रह रहा था। मुफ्ती अब्दुल समी काजमी के साथ कार में मौजूद दूसरे युवकों को भी टीम ने हिरासत में लिया है, लेकिन उनके बारे में अभी खुलासा नहीं हो सका है। सूत्रों की मानें तो  मुफ्ती अब्दुल समी काजमी देशद्रोह के मामले में वांछित है।

यही वजह है कि दबोचने के बाद एनआईए टीम उसे दिल्ली ले गई है। उसके खिलाफ देशद्रोह सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज है। कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर रखा था। एनआईए और एटीएस टीम की इस कार्रवाई से जिले में सनसनी फैल गई। जिले की खुफिया एजेसियां भी सतर्क हो गई और उसके मामले में छानबीन शुरू कर दी है। साथ ही गाड़ी और उसके अन्य साथी के विषय में जानकारी में विभाग जुट गया है। खुफिया सूत्रों के अनुसार अब्दुल समी काजमी के खिलाफ वर्ष 2015 में दिल्ली स्थित एनआईए कोर्ट में देशद्रोह सहित कई धाराआें में मामला दर्ज है।
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नहीं दिया संदिग्धों को हिलने तक का मौका
एनआईए और एटीएस को दो संदिग्धों के बारे में पुख्ता जानकारी थी और उनकी पल-पल की लोकेशन भी मिल रही थी। इसी से दोनों को जब दबोचा गया तो उन्हें हिलने तक का मौका नहीं मिला। कार्रवाई इतनी आनन-फानन हुई कि पास ही स्थित संडीला चौकी पुलिस को भी भनक तक नहीं लगी। राहगीर कुछ समझ पाते, इससे पहले ही टीम दोनों संदिग्धों को उनकी गाड़ी समेत लेकर निकल गई।

सूत्रों के अनुसार टीम को हरदोई संडीला रोड के एक ढाबे पर दोनों संदिग्धों की लोकेशन मिली थी लेकिन टीम के वहां पहुंचने से पहले ही वे वहां से निकल चुके थे। टीम उनके पीछे लग गई और संडीला से पहले पुलिस चौकी के पास उनकी गाड़ी के चारों ओर अपनी गाड़ियां लगा दीं। वे कुछ समझ पाते, इससे पहले ही टीम ने गाड़ी का दरवाजा खोलकर दोनों को बाहर खींच लिया। यह देख आसपास के लोग भौंचक्के रह गए। लोग कुछ जानकारी करते, इससे पहले ही टीम के सदस्यों ने पकड़े गए लोगों को अपनी गाड़ी में डाला। एक सदस्य ने इनकी गाड़ी की स्टीयरिंग संभाला और आनन-फानन वहां से निकल गए। चंद कदम दूर चौकी पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। आसपास के ढाबे वाले भी इस बाबत कुछ न बता सके। सीओ चरनजीत ने भी इस संबंध में किसी जानकारी से इनकार किया।

पहले भी लगा था संडीला पर दाग
असामाजिक गतिविधियों के लिए यह क्षेत्र पहले भी चर्चा में रह चुका है। इससे पहले सीतापुर में हुए बम विस्फोट में आतंकी के तार संडीला के सुजानपुर गांव से जुड़े पाए गए थे। तत्कालीन अफसरों ने छानबीन की तो पता चला था कि गांव का एक युवक अरसे से बाहर है। उसी से बंगलादेश के असामाजिक संगठनों के तार जुड़े थे।
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