परिचालक भर्ती परीक्षा रविवार की दोपहर को बारह बजे
समाप्त हुई, जिसके बाद से गैर जिलों से आए अभ्यर्थी अपने घराें वापस जाने
लगे, जिससे रेलवे स्टेशन पर अचानक काफी भीड़ हो गई। इस दौरान टिकट लेने से
लेकर ट्रेन में चढ़ने को यात्रियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
जिले के
20 परीक्षा केंद्रों पर राज्य सड़क परिवहन निगम में परिचालकों की भर्ती के
लिए परीक्षा कराई गई। परीक्षा सुबह 10 बजे से 12 बजे तक आयोजित की गई। जिले
के सभी केंद्रों पर परीक्षा संपन्न होने पर 12 बजे के बाद अभ्यर्थी अपने
घरों को वापस जाने लगे, जिससे रेलवे स्टेशन पर काफी भीड़ भाड़ हो गई।
इसके
अलावा पहले से देरी से चल रही ट्रेन भी लेट हो गई हैं, वहीं जब ट्रेनें
पहुंची तो उनमें पहले से ही लोग लटके नजर आए, जिससे स्टेशन से जाने वाले
यात्रियों को डिब्बे में चढ़ने के लिए काफी धक्कामुक्की करनी पड़ी। ज्ञात
हो कि दोपहर को करीब 12 बजे के बाद त्रिवेणी एक्सप्रेस और सियालदह
एक्सप्रेस अप रूट पर बरेली की ओर जाने वाली मिली, जिसमें काफी ज्यादा
भीड़भाड़ होने से लोगों को परेशान होना पड़ा।
वहीं डाउन रूट पर लखनऊ
जाने वाली ट्रेनों में पैसेंजर के अतिरिक्त दोपहर दो बजे तक कोई ट्रेन न
होने से अभ्यर्थियों को इंतजार करना पड़ा। उधर, रेलवे स्टेशन पर टिकट लेने
को भी अभ्यर्थियों की लंबी लाइन दोनों ही काउंटरों पर लगी नजर आई। इसके
अलावा शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को आटो चालकों ने तो ताक पर ही रख दिया है।
रविवार को परिचालक भर्ती परीक्षा के बाद अभ्यर्थी स्टेशन जाने लगे जिसको
आटो चालकों ने भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अधिक कमाई के चक्कर में पांच
यात्रियों को बैठाने की क्षमता रखने वाले ऑटो में 11 से 12 लोगों को
बैठाया गया। तमाम चौराहों से गुजरने के बाद भी किसी भी ट्रैफिक हवलदार या
फिर जिम्मेदार अधिकारी की नजर नहीं पड़ी।