पुलिसकर्मियाें को व्यथा सुनाती महिला।
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शहर में महिलाआें को बाताें के जाल में फंसाकर लूट करने वाला गिरोह सक्रिय है। शुक्रवार को एक और महिला को गिरोह के दो सदस्यों ने शिकार बनाया और हजारों का माल लेकर चंपत हो गए। घटना से सनसनी फैल गई। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
टड़ियावां थाना के गोपामऊ निवासी सुप्रिया रस्तोगी पत्नी सचिन रस्तोगी जीआईसी टड़ियावां में संविदा टीचर के रूप में तैनात है। वह पुलिस लाइन के पास किराये के मकान में रहती है। शुक्रवार दोपहर वह बच्चों को लेने विद्यालय से नघेटा रोड पर जा रही थी। विद्यालय से पहले ही दो बाइक सवार उनको मिल गए और उनसे किसी का पता पूछा।
उन्होंने जानकारी होने से मना कर दिया। इससे वह उनको दीदी बुलाकर बातचीत में फंसा लिया। इसके बाद उनको ईश्वर के दर्शन कराने के नाम पर उनके जेवर, पैसे आदि ले लिया और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद जब उनका दिमाग सही हुआ तो वह रोने लगी। इससे वहां पर भारी भीड़ जमा हो गई।
घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच पड़ताल की। सुप्रिया ने बताया वह उसके पास से सोने की चेन, अंगूठी, कान की झुमकी और पर्स में रखे ढाई हजार रुपये लेकर फरार हो गए।
पुलिस मामले की जांच शुरू कर दी है। इससे पहले भी शहर में कचहरी रोड पर एक महिला को बेवकूफ बनाकर उसके जेवर आदि लेकर बदमाश फरार हो गए थे, जिसका पुलिस आज तक पता नहीं लगा सकी है। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दुबे ने बताया कि ऐसे मामलाें की जांच के लिए विशेष टीम लगाई जाएगी। ठगी करने वाले जल्द ही पुलिस गिरफ्त में होंगे।