तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद स्तरीय एक दिवसीय एडोकेसी
कार्यशाला गुरुवार को एडीएम की अध्यक्षता में रसखान प्रेक्षागृह में हुई,
जिसमें उन्होंने तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट एवं गुटका आदि का सेवन न करने और
कार्यालय एवं आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने की सलाह दी गई।
एडीएम
लक्ष्मी शंकर सिंह ने कहा कि तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम हेतु नामित
अधिकारी स्कूल, कालेज, रेस्तरां, होटल, बार, अस्पताल, पुस्तकालय, सरकारी व
निजी कार्यालय, सिनेमा हाल, डाक घर, बैंक तथा सार्वजनिक स्थलों पर
धूूम्रपान करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई करें और सार्वजनिक स्थानों पर
धूूम्रपान करने वालों पर दो सौ रुपये का जुर्माना लगा कर रसीद जारी करें।
कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों द्वारा तंबाकू, पान, बीड़ी, सिगरेट आदि
तंबाकू युक्त पदार्थों की बिक्री व खरीद नही ंकी जाएगी। सीएमओ डा. वीके
गुप्ता ने बताया कि तंबाकू, पान, सिगरेट आदि का प्रयोग करने से लगभग 40
कैंसर रूपी बीमारियां जन्म लती हैं।
जिससे बच्चों की पढ़ाई, शादी आदि के
लिए जमा की गई पूंजी मरीज के इलाज में लग जाती है। उन्होंने बताया कि
तंबाकू सेवन से हर वर्ष लगभग 10 लाख लोगों की असामयिक मृत्यु होती है।
उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में पुरुष
और महिलाओं द्वारा तंबाकू का सेवन अधिक किया जाता है, जिससे 15 से 49 वर्ष
आयु वर्ग के ग्रामीण क्षेत्रों के 35 प्रतिशत पुरुष बीड़ी या सिगरेट पीते
हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में 29 प्रतिशत लोग तंबाकू का सेवन करते हैं।
इस
मौके पर नगर मजिस्ट्रेट जितेंद्र मोहन सिंह, सीएमएस डा. आरके मिश्र,
डीआईओएस जेपी मिश्र, डा. अश्वनी कुमार, डा. एके गुप्ता, डा. एससी प्रसाद और
डा. प्रेम चंद्र सहित कई लोग मौजूद थे।