हरदोई। अपनों की खातिर कोरोना के खिलाफ छेड़ी गई जंग में पीएम मोदी की पहल पर रविवार को जनता कर्फ्यू को लोगों ने पूरा समर्थन दिया। कस्बे से लेकर शहर तक सब जगह सन्नाटा छाया रहा। लोगों ने सब छोड़कर खुद को घरों में कैद रखा। शहर के चौराहे भी भीड़ से दूर एकांत में नजर आए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनता कर्फ्यू की अपील का असर एक दिन पहले शनिवार को ही दिखने लगा था।
बाजारें बंद हो गईं थीं और विभिन्न संगठनों ने अपने कार्यक्रम निरस्त कर दिए थे। रविवार को जनता कर्फ्यू के दिन स्वेच्छा से ही ऐसी बंदी दिखी जो अभूतपूर्व रही। जनता कर्फ्यू ने शहर के ऐसे दृश्य दिखाए जिसने ये तय कर दिया कि देश व अपनों की खातिर सब एक हैं। शहर के सभी बाजार पूरी तरह बंद रहे। सड़कों पर भी सुबह सात बजे के बाद कोई नहीं दिखा।
प्रशासनिक अमला भी सड़कों पर सतर्क दिखा। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने भी रेलवेगंज सहित शहर के कई स्थानों पर निरीक्षण किया। पुलिस की छह टीमें शहर की सीमाओं पर भी तैनात की गईं। सिर्फ जरूरतमंदों को ही आने-जाने दिया गया।
मास्क लगाकर आए रेल यात्री
हरदोई। जनता कर्फ्यू के दौरान कुछ रेल यात्री जिले में आए। उन्हें घर आना था तो मजबूरी में सफर किया लेकिन सतर्कता पूरी बरती। बड़े और बच्चे भी कोरोना अलर्ट के कारण पूरी एहतियात बरतते दिखे। सभी मास्क लगाए थे।
पुलिस बोली रद्द हैं ट्रेनें, घर जाओ
हरदोई। रेलवे स्टेशन चौराहे पर जनता कर्फ्यू के दौरान लगे पुलिस कर्मियों ने स्टेशन से आने वालों को तो नहीं रोका लेकिन जाने वालों को रोक दिया। पुलिस कर्मियों ने यही कहा कि आज सभी ट्रेनें रद्द हैं आप लोग भी सहयोग करें। जिसके बाद लोग मायूस होकर घरों में कैद होने को विवश रहे।
मरीजों को ही जाने दिया
हरदोई। जनता कर्फ्यू के दौरान शहर के सभी चौराहों व मार्गों पर पुलिस अलर्ट रही। पुलिस टीम ने वाहनों को देखकर उसको वापस कर दिया। नुमाइश चौराहे पर भी पुलिस टीम ने मरीजों और जरूरतमंदों को को छोड़कर किसी को भी जाने नहीं दिया।