पिहानी के कुल्हावर के निकट खेत में मिले बाघ के पंजे के निशान।
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पिहानी (हरदोई)। क्षेत्र में दहशत का माहौल बनाए बाघ का टीम को मंगलवार को भी सुराग नहीं लगा। बूढ़ागांव से आगे बढ़ते हुए सोमवार रात बाघ पिहानी- महोली मार्ग पार कर गया है। पंजों के निशान के आधार पर कांबिंग कर रही टीम का कहना है कि बाघ गोमती नदी के तटवर्ती क्षेत्र में पहुंच गया है। वह सीतापुर और लखीमपुर के रास्ते आगे बढ़ सकता है।
टाइगर रिजर्व पीलीभीत और वन रेंज कार्यालय पिहानी की संयुक्त टीम का कहना है कि बाघ कुल्हावर गांव के पास से सड़क पार कर गोमती नदी के तटीय रास्ते पर गया है। बाघ विशेषज्ञ प्रेम चंद ने बताया कि रात को वह लोग बूढ़ागांव के पास ही डेरा जमाए रहे। मंगलवार सुबह उसके पंजों के निशान बूढ़ागांव से उत्तर पूरब की ओर दिखाई दिए।
इनका पीछा करने पर स्पष्ट हुआ कि बाघ ने रात में ही पिहानी- महोली मार्ग पार कर लिया है। कुल्हावर गांव से गोमती नदी की दूरी केवल पांच मीटर दूर है। इस तरह अब उसके रुख से प्रतीत होता है कि वह नदी का रास्ता पकड़कर सीतापुर और लखीमपुर की सीमा से आगे बढ़ते हुए दुधवा नेशनल पार्क की सरहद में पहुंच जाएगा। उस पर नजर रखी जा रही है। यदि वह इस रास्ते के बजाय किसी गांव, खेत या धोबिया आदि के जंगल में पनाह लेता है, तो उसे पकड़ने के प्रयास किए जाएंगे।