हरदोई। रिफंड के बदले गए नियमों ने यात्रियों को परेशानी में डाल दिया है। ट्रेन छूटने के आठ घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर यात्रियों को एक भी पैसा वापस नहीं मिलेगा। पहले यह समय सीमा चार घंटे की थी। इससे यात्रियों को अंतिम समय में यात्रा टलने पर कुछ राहत मिल जाती थी लेकिन अब इस नियम से आम आदमी की जेब पर कटौती शुरू हो जाएगी।
उदाहरण के लिए किसी यात्री ने आरक्षण कराया। यात्रा वाले दिन ट्रेन रीशेड्यूल होकर तीन घंटे देरी से संचालित की जाए। ट्रेन को लेट होता देख उन्होंने कन्फर्म आरक्षित टिकट कैंसिल कर दिया जाए। ऐसे में नए नियम के तहत रेलवे टिकट तो कैंसिल कर देगा लेकिन यात्री के खाते में एक भी पैसा रिफंड नहीं होगा। यह तो एक उदाहरण है लेकिन एक अप्रैल के बाद से यात्रियों को ऐसी स्थिति से दो-चार होना पड़ेगा। यात्रियों की सुविधा के लिहाज से रेलवे ने चार्ट तैयार करने के समय को चार घंटे से बढ़ाकर आठ घंटे पहले कर दिया है। (संवाद)