प्रशिक्षण ले रहे तीन सहायक अध्यापकों के अंकपत्र
फर्जी मिले हैं। यह खुलासा आनलाइन सत्यापन के दौरान हुआ। तीनों प्रशिक्षु
शिक्षकों के प्रशिक्षण पर रोक लगा इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश
दिए गए हैं।
प्रदेश सरकार ने टीईटी उत्तीर्ण आवेदकों को टीईटी के
अंक के आधार पर परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक पर चयन किया है। इन
शिक्षकों को छह माह के प्रशिक्षण के बाद सहायक अध्यापक के पद पर तैनात किया
जाना है। जिले में 2154 प्रशिक्षु शिक्षकों का विभिन्न विद्यालयोें में
प्रशिक्षण चल रहा है।
प्रशिक्षु शिक्षकों को मानदेय निर्गत करने के
लिए उनके अंकपत्रों का आनलाइन सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन के दौरान
तीन प्रशिक्षु शिक्षकों के अंकपत्र में गड़बड़ी मिली है।
संडीला
ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय मुन्नू खेड़ा में तैनात शैलेश पुत्र राम नाथ की
मार्कशीट में 113 अंक दर्ज है, जबकि सत्यापन के दौरान विभागीय वेबसाइट पर
87 अंक प्रदर्शित हो रहे हैं। इसी ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय पहाड़पुर में
तैनात भारत सिंह पुत्र जैलाल के अंकपत्र में 118 अंक दर्ज हैं, जबकि
वेबसाइट पर 95 अंक हैं।
इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर में
प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे मनोज कुमार पुत्र राम सिंह के अंक पत्र में 116
अंक दर्ज हैं, जबकि वेबसाइट पर 85 अंक दर्ज हैं।
अंक में हेराफेरी
कर नौकरी पाने के आरोप में बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. बृजेश मिश्र ने तीनों
प्रशिक्षु शिक्षकों के प्रशिक्षण पर रोक दी हैं। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी
संडीला को तीनों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।