- अपर जिला जज कुसुमलता ने सुनाया फैसला, - 189 तारीखों की सुनवाई के बाद आया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। युवक की हत्या कर शव छिपाने के पांच साल पुराने मामले में तीन अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए अपर जिला जज (कोर्ट संख्या चार) कुसुम लता ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की 90 फीसदी रकम बतौर क्षतिपूर्ति मृतक के पिता सियाराम को भी देने के आदेश अपर जिला जज ने दिए हैं।
टड़ियावां थाना क्षेत्र के भेलखेड़ा मजरा थोक खाला निवासी सियाराम ने दो मई 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसके गांव में 1 मई 2017 बारात आई थी। उसका पुत्र दीपक बारातियों को खाना खिला रहा था। वहीं से गायब हो गया था। अगले दिन सुबह गांव के दक्षिण की ओर तालाब के किनारे उसके पुत्र का शव मिला था।
गले पर रस्सी से कसने के निशान भी मिले थे। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। उसी दिन दूसरी तहरीर देकर सियाराम ने बताया की बरात में दीपक के साथ गांव के ही तेजपाल, अमित, आनंद भी डांस कर रहे थे। डांस के दौरान अभियुक्तों के साथ दीपक की कहा सुनी हो गई थी। इसके बाद तीनों ने मिलकर दीपक की हत्या कर दी है।
पुलिस ने तीनों के खिलाफ हत्या कर शव छिपाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के बाद हरियावां थाना क्षेत्र के शीशीताली मजरा कुरसेली निवासी महावीर पर शव छिपाने में मदद करने का आरोप भी लगा था। अभियोजन पक्ष से आठ गवाहों को पेश किया गया। पूरे मामले में 189 तारीखों पर सुनवाई हुई। अपर जिला जज ने तेजपाल, अमित और आनंद काे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। महावीर को दोषमुक्त किया है।