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Hardoi News: थोक व्यापारी के यहां हुई चोरी में तीन और गिरफ्तार, 6.62 लाख रुपये बरामद

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हरदोई। बीते 16 जुलाई की रात शहर कोतवाली क्षेत्र के रेलवेगंज निवासी थोक व्यापारी के मकान से नकदी चोरी के मामले में पुलिस ने तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 6,62,300 रुपये भी बरामद हुए हैं। इस मामले में बीते 25 जुलाई को पुलिस ने दो नाबालिग समेत 16 लोगों को पकड़ा था। तब आरोपियों के पास से 1,28,99,310 रुपये बरामद हुए थे। नकदी बरामदगी का जिले में यह सबसे बड़ा खुलासा माना जा रहा है।
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रेलवेगंज निवासी पंकज अग्रवाल परचून और दाल-चावल का थोक व्यापार करते हैं। बीते 16 जुलाई की रात उनके भरोसेमंद तीन नौकरों ने खाने में नशीला पदार्थ देकर सभी को गहरी नींद में सुला दिया था। इसके बाद घर से 11 बैग में भरकर रखे गए रुपये लेकर भाग गए थे। शहर कोतवाली पुलिस, सर्विलांस टीम और एसओजी की मदद से घटना के नौ दिन बाद घटना का खुलासा पुलिस ने किया था। कुल 16 लोग पकड़े गए थे। इनमें दो किशोर भी थे।
यह किशोर पंकज अग्रवाल के घर में काम करते थे। पकड़े गए लोगों से पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही थी। इसी क्रम में अब पुलिस ने लखनऊ जनपद के मड़ियांव थाना क्षेत्र के हरिओमनगर निवासी संतलाल साहू, राम सागर और जाहिद को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 6.62 लाख रुपये बरामद हुए हैं।
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पुलिस उपाधीक्षक सिटी अजीत चौहान ने बताया कि तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। यहां से इन्हें जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार किया गया संतलाल 25 जुलाई को गिरफ्तार किए गए दीपक साहू का पिता है जबकि जाहिद उसी दिन गिरफ्तार अमान का पिता है। रामसागर भी लखनऊ का रहने वाला है और वह संतलाल का साढ़ू है।

खुद तो अपराध के दरिया में डूबा दीपक, पिता और रिश्तेदारों को भी डुबोया
पुलिस महकमे से जुड़े सूत्र बताते हैं कि 25 जुलाई को गिरफ्तार किए गए दीपक साहू के पास से 22 लाख रुपये बरामद हुए थे। जांच में आशंका जताई जा रही थी कि उसके पास लगभग 30 लाख रुपये होने चाहिए थे जब पुलिस ने इस दिशा में काम करना शुरू किया तो पता चला कि दीपक ने कुछ रुपये अपने पिता संतलाल को दिए थे। इन्हीं रुपयों में से संतलाल ने कुछ रुपये अपने साढ़ू रामसागर को दे दिए। इसी तरह पहले गिरफ्तार हुए अमान ने भी कुछ रुपये अपने पिता जाहिद को दे दिए थे। कुल मिलाकर दीपक खुद तो अपराध के दरिया में डूबा अब अपने पिता और मौसा को भी ले डूबा। अभी उसके कुछ और रिश्तेदारों के पास भी रुपये होने की आशंका पर जांच चल रही है।

दीपक की मौसी और मौसेरी बहन के खातों में जमा हैं चोरी के रुपये
बीते 25 जुलाई को गिरफ्तार हुए दीपक ने जो रुपये अपने पिता संतलाल को दिए उनमें से ही कुछ रुपये राम सागर को भी दिए गए। राम सागर ने यह रुपये न सिर्फ अपने बैंक खाते में जमा किए बल्कि अपनी बेटी और पत्नी के बैंक खातों में भी चोरी के रुपये जमा कर दिए। पुलिस से जुड़े सूत्र बताते हैं कि तीन खातों में चोरी के लगभग ढाई लाख रुपये जमा हैं। फिलहाल इन खातों से लेन-देन पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई की जा रही है।

रामसागर ने चुकाई उधारी, मौज में रुपये उड़ाए संतलाल ने
चोरी के रुपये मिलने पर राम सागर ने अपनी उधारी चुकता कर दी थी। राम सागर ई-रिक्शा चलाते हैं और सवारी न मिलने पर कई बार मजदूरी भी कर लेते हैं। एक साथ कई लाख रुपये मिलने पर उधारी चुकाने के साथ ही वह घूमने-फिरने लगे थे। इसी तरह संतलाल भी ई-रिक्शा चलाता है। उसने सारे रुपये मौज करने में उड़ा दिए। चर्चा यहां तक है कि रुपये मिलने के बाद वह हमेशा शराब के नशे में रहता था और कुछ महिलाओं के पास भी जाने लगा था।
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