मनरेगा में सौ दिन का रोजगार पूरा करने वाले श्रमिकों
को अब रोजगार परक कोर्स का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। राष्ट्रीय ग्रामीण
आजीविका मिशन से श्रमिकों के लिए प्रोजेक्ट लाइफ शुरू किया गया, जिसमें
गुरुवार को बीडीओ, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी व ग्राम रोजगार सेवकों को
योजना की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में रोजगार सेवकों को श्रमिकों से
मिलकर उन्हें योजना की जानकारी देने तथा प्रशिक्षण के लिए ट्रेड चुनने में
सहयोग करने को निर्देशित किया गया। ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर
बढ़ाने को अब सरकार जाब कार्डधारकों को हुनरमंद बनाएगी।
मनरेगा से सौ दिन
का काम करने वाले जाब कार्डधारकों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से
रोजगार परक कोर्स का प्रशिक्षण कराया जाएगा। प्रोजेक्ट लाइफ के तहत जिले
में भी ऐसे श्रमिकों का चयन कर लिया गया है जिन्होंने 100 दिन का काम किया
है।
जिले की 19 विकास खंडों में से 10 ब्लाकों की 204 ग्राम पंचायतों के
1143 श्रमिकों को रोजगार परक प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। गुरुवार को विकास
भवन में बीडीओ, एपीओ और ग्राम रोजगार सेवकों को योजना की जानकारी दी गई।
मनरेगा उपायुक्त राजाथ प्रसाद भगत ने बताया कि विकास खंडों के श्रमिक
जिन्होंने सौ दिन का काम किया है उनको प्रशिक्षण देने से पूर्व उनका डाटा
अपलोड होगा।
जिसके लिए सभी श्रमिकों से संपर्क कर उन्हें कई ट्रेडों की
जानकारी दी जाए और उनसे किस ट्रेड में प्रशिक्षण पाना चाहते हैं वह भी पूछ
कर अपलोड कराया जाए। कहा कि ग्राम रोजगार सेवक हर गांव में श्रमिकों से
मिलकर इस कार्य को पूरा करेंगे। जिसके बाद श्रमिकों को तीन माह का
प्रशिक्षण दिया जाएगा।