बिलग्राम (हरदोई)। ननिहाल आई बच्ची मामा की बेटी और उसकी सहेली के साथ नवरात्र के फूल सिराने के दौरान गंगा में डूब गई। सहेली किसी तरह बाहर निकलने में कामयाब रही, लेकिन बच्ची और उसकी ममेरी बहन नदी में डूब गई। लगभग साढ़े पांच घंटे की मशक्कत के बाद दोनों के शव निकाले जा सके। शव मिलते ही दोनों के परिवारों में कोहराम मच गया।
सांडी थाना क्षेत्र के मतनी गांव निवासी शिवराज की बेटी शिवांकी (6) तीन दिन पहले अपने ननिहाल बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के जरेला गांव गई थी। रविवार सुबह लगभग नौ बजे शिवांकी मामा गुड्डू की पुत्री दिव्यांशी (6) और उसकी सहेली रुचि (10) के साथ पूजा के फूल विसर्जित करने के लिए गंगा नदी के जरैला घाट पर गई थी। नदी में उतरकर फूल विसर्जित करने के दौरान तीनों बच्चियां गहरे पानी में चली गईं। रुचि किसी तरह बाहर आ गई और उसने शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के लोगों ने नदी में छलांग लगा दी, लेकिन शिवांकी और दिव्यांशी का पता नहीं चला। कुछ ही देर में परिजन और पुलिस मौके पर पहुंची। आसपास के गांवों में रहने वाले गोताखोरों को बुलवाकर नदी में उतारा गया। दोपहर लगभग ढाई बजे शिवांकी और दिव्यांशी के शव नदी से बरामद किए गए। दोनों के शव मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। कोतवाल उमाकांत दीपक ने बताया कि दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेेजा गया है।
दिव्यांशी के पिता गुड्डू शिवांकी के पिता शिवराज के साले हैं। दोनों हरियाणा में एक साथ रहकर एक फैक्टरी में काम करते हैं। घटना की जानकारी उन्हें फोन पर दी गई तो दोनों बदहवास हो गए। दोनों घर के लिए रवाना हुए हैं। दिव्यांशी पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर और शिवांकी चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर की थी।