हरदोई। बाजरे की सरकारी खरीद में एक बार फिर गड़बड़ी सामने आई है। इस बार भी तीन भूमिहीन किसानों ने शहर स्थित नवीन गल्ला मंडी के सरकारी क्रय केंद्र पर 273 क्विंटल बाजरा बेच दिया। जांच में मामला सामने आने पर बाजरा बेचने वाले तीनों किसानों और सत्यापन करने वाले चकबंदी लेखपाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश जिलाधिकारी ने दिए हैं। केंद्र प्रभारी और चकबंदी अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भी डीएम ने की है।
बीते दिनों संजीव गुप्ता ने जिलाधिकारी अनुनय झा से शिकायत दर्ज कराई थी। बताया था कि सवायजपुर तहसील क्षेत्र के रहने वाले तीन किसानों ब्रजपाल, आकर्ष मिश्रा और अमन बाबू ने सरकारी क्रय केंद्र पर बाजरा बेचा है। नवीन गल्ला मंडी स्थित क्रय केंद्र संख्या तीन पर बाजरा बेचा गया है। दावा किया था कि तीनों ही किसानों के नाम भूमि नहीं है। इस पर डीएम ने पूरे मामले की जांच कराई। जांच में पता चला कि अरवल पूरब निवासी ब्रजपाल और अमन बाबू व औहदपुर निवासी आकर्ष मिश्रा ने 273 क्विंटल बाजरा बेचा है।
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, जांच में पता चला कि तीनों ही किसानों ने अपनी भूमि संडीला तहसील क्षेत्र के जाजूपुर ग्राम पंचायत में बताई थी। उक्त गांव में चकबंदी चल रही है। चकबंदी लेखपाल ने मौके पर जाए बिना ही सत्यापन कर दिया। इसी सत्यापन को सीओ चकबंदी ने भी संस्तुति दे दी। इसके बाद बाजरे की बिक्री हो गई।
अपर जिलाधिकारी प्रफुल्ल त्रिपाठी ने बताया कि खरीद में गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। तीनों किसानों ब्रजपाल, आकर्ष और अमन बाबू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश जिलाधिकारी ने दिए हैं। क्रय केंद्र प्रभारी अमिता कुमारी और चकबंदी अधिकारी मनोज कुमार सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है।